
सुपौल : टैक्स राहत, स्वास्थ्य व नारी सशक्तीकरण तक दिखी स्पष्ट झलक
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत नया आम बजट देश के आर्थिक इतिहास में महत्वपूर्ण है। यह बजट 12 लाख करोड़ रुपये का है और इसमें स्वास्थ्य, कर राहत, महिला सशक्तिकरण, और क्षेत्रीय विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे गंभीर बीमारियों की दवाओं पर टैक्स में छूट और करदाताओं को राहत मिलेगी।
सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। केंद्रीय वित्त मंत्री माननीय निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को प्रस्तुत किया गया भारत सरकार का नया आम बजट देश के आर्थिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। यह पहली बार है जब रविवार के दिन संसद में बजट पेश किया गया। करीब 12 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को विकासोन्मुखी, जनहितकारी और सर्वसमावेशी बताया जा रहा है। बजट में स्वास्थ्य, कर राहत, महिला सशक्तिकरण और क्षेत्रीय विकास पर विशेष फोकस किया गया है, जिससे आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह बातें रविवार को आम बजट पर शहर के श्री राधा कृष्ण ठाकुरवाड़ी में आयोजित संवाद में चर्चा के दौरान कही।
सरकार ने कैंसर सहित 17 गंभीर बीमारियों की दवाओं पर बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी पूरी तरह समाप्त कर दी है। इससे न केवल दवाइयां सस्ती होंगी, बल्कि गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा। यदि कोई मरीज स्वयं के उपचार के लिए विदेश से दवा आयात करता है, तो उस पर एक रुपया भी टैक्स नहीं देना होगा। इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक राहत माना जा रहा है। बजट में करदाताओं को भी बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने व्यक्तिगत आय पर 12 लाख रुपये तक पूरी तरह टैक्स फ्री करने की घोषणा की है। इसका सीधा लाभ नौकरीपेशा, मध्यम वर्ग और छोटे व्यवसायियों को मिलेगा। यदि किसी व्यक्ति की मासिक आय एक लाख रुपये तक है, तो उसे आयकर के दायरे से बाहर रखा गया है। इससे न केवल करदाताओं की बचत बढ़ेगी, बल्कि उनकी क्रय शक्ति भी मजबूत होगी। अर्थशा्त्रिरयों का मानना है कि इससे बाजार में मांग बढ़ेगी, उपभोग में तेजी आएगी और अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।

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