सुपौल : लाखों के स्ट्रीट लाइट चढ़ रहे जंक की भेंट
जदिया में हाई मास्ट स्ट्रीट लाइट्स को करोड़ों की लागत से लगाया गया था, लेकिन अब ये लाइटें जंक बन गई हैं। बिजली विभाग की अनदेखी के कारण, इन लाइट्स ने करीब एक दशक से कोई काम नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि लाइट्स जलाने में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदारी नहीं ली जा रही।

जदिया, निज संवाददाता। क्षेत्र के आधे दर्जन से भी ज्यादा जगहों पर रात के अंधेरे में दुधिया रौशनी फैलाने के उद्देश्य से लगाए गए हाई मास्ट स्ट्रीट लाइट धीरे-धीरे जंक की भेंट चढ़ने लगे हैं।आलम यह है कि लगने के बाद इसकी किसी जिम्मेदार ने सुधि नहीं ली। सूत्रों की मानें तो एम पी - एम एल ए फंड से लाखों की लागत से लगाए गए ये हाई मास्ट स्ट्रीट लाइट एक दशक बीत जाने के बाद भी लोगों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। गोरतलब बात तो यह है कि वर्तमान समय में एक हाई मास्ट स्ट्रीट लाइट लगाने में सांसद विधायक कोष से 15 से 20 लाख की लागत आती है।
बावजूद क्षेत्र के एन एच 327 ई मुख्य मार्ग में लक्ष्मीनियां चौक , जदिया हनुमान मंदिर चौक , अनंतपुर चौक ,एस एच 91 मुख्य मार्ग पर कारगिल चौक ,हाई स्कूल कोरिया पट्टी चौक , बघैली मस्जिद आदि स्थानों पर तकरीबन एक करोड़ की लागत से स्थापित ये हाई मास्ट स्ट्रीट लाइट रौशनी को धत्ता बताते हुए धुल फांक रहे हैं। बताया जाता है कि जब-जब ये लाइट लगाए गए वहां दो चार दिन तो आमजन दुधिया रोशनी में खुब नहाए, लेकिन चार दिनों की चांदनी फिर अंधेरी रात की तर्ज पर फीकी पड़ी यह रौशनी पुनः वापस पटरी पर नहीं आयी। जानकारों की मानें तो इसके उर्जान्वयन में बिजली विभाग का रोड़ा अटक कर सामने आया और बिजली बिल का हवाला देते हुए विभागीय अधिकारियों ने इन हाई मास्ट स्ट्रीट लाइट के जलाने पर रोक लगा दिया। फलस्वरूप दस साल से भी ज्यादा वक्त बीत गया और धीरे-धीरे ये लाखों की लाइट खुद एक धुंधली तस्वीर बन कर लटकी हुई है। इस संबंध में बिजली विभाग त्रिवेणीगंज के विद्युत अभियंता आकाश कुमार ने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। बावजूद इसका कोई केयर टेकर रहने के बाद इसे जलाने में दिक्कतें नहीं आनी चाहिए।
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