
सुपौल : अवैध अस्पताल व क्लिनिक के लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन दस्तावेज तलब
सुपौल में स्वास्थ्य विभाग ने बिना मानक के चल रहे नर्सिंग होम, अस्पताल और क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। सभी संस्थानों से वैध दस्तावेजों की मांग की गई है और निरीक्षण किया जाएगा। अवैध संस्थानों को तुरंत बंद किया जाएगा। शहर में संचालकों में चिंता का माहौल है।
सुपौल, हिंदुस्तान संवाददाता। निर्मली शहर में बिना मानक पूरा किए मनमाने तरीके से चल रहे नर्सिंग होम, निजी अस्पताल, क्लीनिक और जांच घरों पर आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सुपौल के आदेश पर शहर में संचालित सभी संस्थानों से वैध दस्तावेज, लाइसेंस, पंजीकरण और अनुमोदन प्रमाणपत्र की मांग की गई है। इसी को लेकर विभाग की ओर से लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में अचानक औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जो संस्थान मानक, लाइसेंस या आवश्यक नियमों का पालन करते नहीं पाए जाएंगे, ऐसे सभी अवैध क्लिनिक, नर्सिंग होम, अस्पताल और जांच घरों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा।

साथ ही अग्रतर कार्रवाई भी होगी।इस कार्रवाई की भनक लगते ही शहर के तमाम संचालकों में चिंता और हड़कंप का माहौल है। कई निजी क्लीनिकों में दस्तावेज अद्यतन कराने की हड़बड़ी दिखने लगी है।प्रखंड अस्पताल प्रबंधक मुकेश कुमार ने बताया कि अबतक लगभग 40 क्लिनिक, जांच घर और अस्पतालों को नोटिस भेजा जा चुका है। शेष संस्थानों की पहचान की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विभाग आम जनता के स्वास्थ्य को लेकर बेहद गंभीर है। अवैध रूप से संचालित किसी भी अस्पताल या जांच घर को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग की इस मुहिम से उम्मीद जताई जा रही है कि शहर में चल रहा अनियमित स्वास्थ्य सेवा तंत्र अब पटरी पर आएगा, और मरीजों को केवल मानक व सुरक्षित चिकित्सा सुविधा ही मिल सकेगी।

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