Supaul News: सुपौल : संगीत शिक्षक नहीं, स्कूलों में धूल फांक रहे लाखों के म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट

हिन्दुस्तान, सुपौल
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Supaul News: किशनपुर प्रखंड क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में संगीत शिक्षा के लिए लाखों रुपये के वाद्य यंत्र प्रदान किए गए हैं। हालाँकि, संगीत शिक्षकों की कमी के कारण बच्चे इन उपकरणों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। 151 स्कूलों में से केवल 5 हाई स्कूलों में ही संगीत शिक्षक हैं, जिससे बच्चों की संगीत प्रतिभा का विकास नहीं हो पा रहा है।

Supaul News: सुपौल : संगीत शिक्षक नहीं, स्कूलों में धूल फांक रहे लाखों के म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट

Supaul News: किशनपुर, एक संवाददाता। सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार योजनाएं संचालित कर रही है। इसके तहत किशनपुर प्रखंड क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में बच्चों को संगीत की शिक्षा देने के लिए लाखों रुपये के म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट उपलब्ध कराए गए। लेकिन संगीत शिक्षक के अभाव में इन वाद्य यंत्रों का उपयोग नहीं हो पा रहा है।

संगीत वाद्य यंत्रों का स्थिति

स्कूलों में रखे म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट कई महीनों से बेकार पड़े हैं। इससे बच्चों की संगीत प्रतिभा को मंच मिलने के बजाय उस पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार किशनपुर प्रखंड क्षेत्र में कुल 151 सरकारी स्कूल हैं। इनमें 86 प्राथमिक, 49 मध्य और 16 हाई स्कूल शामिल हैं। सभी 151 स्कूलों में विभाग की ओर से म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट उपलब्ध कराया गया है। इन वाद्य यंत्रों में ढोलक, नाल, तबला, साउंड सिस्टम सहित अन्य संगीत सामग्री शामिल है। लाखों रुपये खर्च कर स्कूलों तक पहुंचाए गए इन उपकरणों का उद्देश्य बच्चों में संगीत के प्रति रुचि पैदा करना और उनकी प्रतिभा को विकसित करना था।

शिक्षक की कमी और प्रभाव

हालांकि प्रखंड क्षेत्र के महज पांच हाई स्कूलों में ही संगीत शिक्षक कार्यरत हैं। शेष 146 स्कूलों में संगीत शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों को इन वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। कई स्कूलों में उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए कमरों या अलमारियों में रखा गया है, जहां लंबे समय से इनका इस्तेमाल नहीं हुआ है। शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते संगीत शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई तो उपकरण खराब हो सकते हैं और सरकारी राशि का उद्देश्य भी पूरा नहीं होगा।

विभागीय प्रतिक्रिया

स्कूलों में संगीत शिक्षा की व्यवस्था होने के बावजूद शिक्षक नहीं रहने से विभागीय योजना की उपयोगिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। बच्चों के बीच संगीत सीखने की इच्छा तो है, लेकिन प्रशिक्षित शिक्षक के अभाव में उन्हें उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में प्रभारी बीईओ कमलेश कुमार ने बताया कि विभाग के आदेश के अनुसार प्रखंड के सभी 151 स्कूलों में संगीत इंस्ट्रूमेंट उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि संगीत शिक्षकों की कमी को लेकर विभाग को जानकारी दी गई है और शिक्षकों की मांग की गई है। शिक्षक उपलब्ध होने के बाद स्कूलों में बच्चों को संगीत की शिक्षा देने में इन वाद्य यंत्रों का समुचित उपयोग किया जाएगा。

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦किशनपुर प्रखंड क्षेत्र में कितने सरकारी स्कूल हैं?−
किशनपुर प्रखंड क्षेत्र में कुल 151 सरकारी स्कूल हैं।
Hindustan | Bureau

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