
सुपौल : विधानसभा चुनाव की सरगर्मी में दब गई कमलपुर के किसानों की पीड़ा
कुनौली, कमलपुर और डगमारा पंचायत के किसानों को भारी बारिश के कारण फसल में नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी जमा होने से धान की बालियां बर्बाद हो रही हैं। किसान अपनी समस्याओं को व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं, और सरकारी सहायता का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी मेहनत बर्बाद हो गई है।
कुनौली, निज प्रतिनिधि। कुनौली, कमलपुर और डगमारा पंचायत सहित निर्मली प्रखंड के अन्य पंचायत और आसपास के इलाकों के खेतों में अभी भी पानी जमा है। खेतों में धान की बालियां अब नुकसान हो रही है, जिससे किसान हताश हैं । वहीं चुनाव को लेकर किसानों कों हालत इतनीं खराब हो गए हैं कि अब वह अपनी पीड़ा किसी को बताने लायक नहीं रह गए हैं। नेताजी से लेकर आधिकारी तक चुनाव में लगे थे, इसलिए उनकी आवाज कोई सुनने को तैयार नहीं था। निराश व हताश किसान अपने-अपने खेतों में जमा पानी को निकालने में लगे हुए हैं। खेत से पानी निकालने में मोटर सहित अन्य संसाधन का मदद लेकर पानी निकाल रहे हैं।
धान की खेत से पानी हट जाने क बाद धान कटनी करके खेत से उसे निकाल कर सड़क पर सुखाते हैं। इसके बाद बची हुई धान की फसल को थ्रेसर से दौनी करके अनाज को बचाने में लगे हैं । इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही हैं । प्रकृति के इस मार के बाद प्रशासन के लूज-पूज रवैये ने किसानों को परेशानी में डाल दिया हैं। बताया जाता हैं कि गहरी खेतों में अब भी एक से दो फीट तक पानी जमा है। वहीं खेतों में अब भी पानी में गिरी हुई धान की फैसले दिखाई दे रही है। वहीं दूसरी ओर आर कई जगह आलू की रोपाई के लिए तैयार खेत भी जलमग्न है। आलू की की बुआई का समय निकलता जा रहा है। विदित हो कि विगत सप्ताह निर्मली प्रखंड में तीन दिनों तक हुई बारिश से सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल को भारी क्षति पहुंची हैं। जिस धान की बाली में दाना पका नहीं था, वह गिर कर बर्बाद हो गयी। क्योंकि में पानी अभी तक नहीं निकला हैं जिससे धान कटाई का समय निकलता जा रहा है। अब फसल बचाने की उम्मीद नहीं दिख रही है। इतना ही नहीं किसानों के समक्ष एक दूसरी संकट भी उतपन्न हो गई है कि उन्हें पशु चारे की समस्या हो जाएगी। किसानों का कहना हैं कि इस बार की बारिश ने उनकी साल भर की मेहनत को बर्बाद कर दिया । कई किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं।ऐसे में उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह बहुत ही कमजोर हो जाएगी । दूसरी ओर सरकारी स्तर पर सर्वे होने के बाद भी अब तक मुआवजा के संदर्भ सरकारी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं किये जाने पर किसान चिंतित हैं। कमलपुर के किसान सोने लाल मंडल,गुजन कामत,धनिक लाल साह, कविलाश मंडल, कुनौली पंचायत के किसान रामानन्द कामत, दुर्गा सिंह,विनोद यादव ,संतोष कामतसहित अन्य किसानों ने बताया कि विगत सप्ताह तेज हवा और बारिश ने धान फसल को नुकसान पहुंचाया हैं। किसानों के जमा पूंजी पर पानी फेर दिया । इस तरह अगर हर साल फसल बर्बाद होती रही तो किसान खेती छोड़ कर दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए जाना पड़ेगा । सरकार और प्रशासन से राहत पैकेज की उम्मीद लगाए किसानों का कहना हैं कि यदि समय रहते मुआवजा नहीं मिली तो आने वाले दिनों में खेती करना मुश्किल हो जायेगा।

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