सुपौल : मार्जिन मनी-खाद्यान्न में घटतौली से भड़के पीडीएस डीलर
राघोपुर में फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन की बैठक में राशन डीलरों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। डीलरों ने कहा कि पिछले आठ महीनों से उन्हें मार्जिन मनी का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे आर्थिक तंगी बढ़ गई है। उन्होंने मांग की कि गोदामों से खाद्यान्न की आपूर्ति इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से सुनिश्चित की जाए।

राघोपुर, एक प्रतिनिधि। राघोपुर डीलर संघ के प्रखंड अध्यक्ष जगदेव प्रसाद यादव के निवास पर सोमवार को फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन जिला सुपौल के बैनर तले एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले भर से आए राशन डीलरों ने अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ गहरी नाराजगी व्यक्त की।
सरकार के खिलाफ नाराजगी
वहीं एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सियालाल यादव और जिला महामंत्री विनोद शंकर कर्ण ने संयुक्त रूप से कहा कि पिछले आठ महीनों से डीलरों को उनकी मार्जिन मनी का भुगतान नहीं किया गया है। जिला महामंत्री विनोद शंकर कर्ण ने कहा कि मार्जिन मनी हमारा हक है और इसके बिना डीलरों के सामने परिवार चलाने और आर्थिक तंगी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सरकार को जल्द से जल्द इस पर ध्यान देना चाहिए, अन्यथा हमारे पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
डोर स्टेप डिलीवरी के मुद्दे
संघ के अधिकारियों ने बताया कि डोर स्टेप डिलीवरी के तहत गोदामों से जो खाद्यान्न डीलरों की दुकानों तक भेजा जाता है, उसमें पहले से ही भारी कटौती रहती है। उन्होंने कहा, गोदाम से ही वजन कम मिलने के कारण जब हम नियमानुसार उपभोक्ताओं को राशन बांटते हैं, तो हमें जनता के आक्रोश का शिकार होना पड़ता है। इससे समाज में हमारी छवि धूमिल हो रही है।
सरकार से मांग
डीलरों ने सरकार से पुरजोर मांग की कि गोदामों से खाद्यान्न की आपूर्ति पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन (वेइंग स्केल) से सुनिश्चित की जाए। गौरतलब है कि बिहार सरकार के नियमानुसार, सूबे में वन नेशन वन राशन कार्ड और सच्ची माप-तौल नीति लागू है। सरकार का स्पष्ट नियम है कि हर जनवितरण दुकान पर ई-पॉश मशीन को इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से जोड़कर ही पारदर्शी तरीके से राशन का वितरण करना है, ताकि लाभुकों को पूरा अनाज मिले। नियमों के तहत यदि डीलर कम राशन देता है, तो उसका लाइसेंस रद्द करने तक का प्रावधान है। जहां विक्रेताओं का कहना है कि वे सरकार के इन कड़े नियमों का पालन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जब डोर स्टेप डिलीवरी के तहत उन्हें खुद ही बोरे में अनाज कम मिलेगा, तो वे डिजिटल सिस्टम के दौर में इस कमी की भरपाई कैसे करेंगे? वही बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने जल्द ही आठ महीने के बकाए मार्जिन मनी का भुगतान नहीं किया और गोदामों से सही वजन में अनाज देना शुरू नहीं किया, तो पूरे सुपौल जिले के विक्रेता अनिश्चितकालीन हड़ताल और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर भारी संख्या में जिले के पीडीएस विक्रेता उपस्थित थे।
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