सुपौल : बच्चों को केवल पढ़ाई नहीं कराते, उनमें संस्कारित भी करते हैं शिक्षक
राघोपुर के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय डुमरी में प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार चौधरी के सेवानिवृत्त होने पर एक भावुक विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और छात्रों ने भाग लिया। उन्हें मिथिला की सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उनके शिक्षा के प्रति समर्पण की सराहना की गई।

राघोपुर, एक प्रतिनिधि। राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयडुमरी में रविवार को प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार चौधरी के सेवानिवृत्त होने पर एक भावुक और गरिमामय विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक विदाई नहीं था, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान और समर्पण के प्रति लोगों के सम्मान और प्रेम का प्रतीक बन गया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक गिरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि मंच संचालन सुमन कुमार पंकज ने कुशलतापूर्वक किया।
समारोह के दौरान प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार चौधरी और उनकी धर्मपत्नी रीता देवी को मिथिला की सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार पाग, शॉल, माला, बुके और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें स्मृति चिन्ह और धार्मिक ग्रंथ भी प्रदान किए गए। यह सम्मान उनके अथक परिश्रम और शिक्षा के प्रति उनकी निष्ठा का परिचायक था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रमंडलीय उपाध्यक्ष सिकेंद्र प्रसाद यादव ने प्रमोद कुमार चौधरी के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रमोद कुमार चौधरी ने विद्यालय में केवल पढ़ाई ही नहीं कराई, बल्कि बच्चों को संस्कार और अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय ने कई उपलब्धियां हासिल कीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गिरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि "शिक्षक कभी भी वास्तव में सेवानिवृत्त नहीं होता, वह समाज के लिए हमेशा मार्गदर्शक बना रहता है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रमोद चौधरी का कार्यकाल विद्यालय के लिए स्वर्णिम दौर के रूप में याद किया जाएगा। विदाई समारोह के अंत में प्रमोद कुमार चौधरी ने सभी लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भले ही आज वह विद्यालय से औपचारिक रूप से विदा ले रहे हैं, लेकिन उनका मन और आशीर्वाद हमेशा विद्यालय, शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ रहेगा। उन्होंने भावुक होकर कहा कि समाज और विद्यार्थियों से मिला प्रेम ही उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों के लिए भोज और मिष्ठान्न की भी व्यवस्था की गई। नम आंखों और भावुक माहौल के बीच लोगों ने अपने प्रिय शिक्षक को विदाई दी। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य प्रो. बैद्यनाथ भगत, सिमराही नगर पंचायत की उप मुख्य पार्षद विनीता देवी, अरुण जायसवाल, विवेकानंद कुमार, विकास कुमार, रामसेवक यादव, प्रभात कुमार, अरबिंद खेरवार, प्राचार्य अरुण कुमार यादव, रामनरेश कुमार, फूलचंद कुमार, सीताराम पांडेय, पंकज कुमार समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। यह समारोह प्रमोद कुमार चौधरी के प्रति समाज के गहरे सम्मान और कृतज्ञता का एक यादगार प्रमाण बन गया।
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