सुपौल : एक आईडी-एक किसान, फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ेंगी सभी जमीनें

Jan 02, 2026 10:42 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सुपौल
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सुपौल में किसानों की सभी जमीनें और भूखंड एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर किए जाएंगे। इसके लिए फार्मर रजिस्ट्री योजना लागू की जा रही है, जिससे हर किसान को एक यूनिक फार्मर आईडी मिलेगी। यह आईडी पीएम किसान सम्मान निधि और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेगी।

सुपौल : एक आईडी-एक किसान, फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ेंगी सभी जमीनें

सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। अब जिले के किसानों की सभी जमीनें और भूखंड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज होंगे। इसके लिए जिले में फार्मर रजिस्ट्री योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इसके तहत हर किसान की एक यूनिक फार्मर आईडी बनेगी। यह आईडी किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित तमाम कृषि योजनाओं का लाभ दिलाने की कुंजी होगी। खास बात यह है कि पीएम किसान निधि के लिए फार्मर रजिस्ट्री अब अनिवार्य कर दी गई है। नेशनल ई-गवर्नेंस प्लान (कृषि) के तहत जिला स्तरीय फार्मर रजिस्ट्री योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित भवन में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इसका उद्देश्य किसानों की फार्मर आईडी निर्माण प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। प्रशिक्षण में जिले के सभी सीओ, राजस्व अधिकारी, राजस्व कर्मचारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, किसान सलाहकार एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएसएसी) के कर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का संचालन जिला कृषि पदाधिकारी पप्पू कुमार ने किया। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। इससे पहले अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, डीएओ पप्पू कुमार, अनुमंडल कुषि पदाधिकारी प्रियंका रानी सहित अन्य अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ दीज जलाकर किया। प्रशिक्षक कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद अपर समाहर्ता ने अधिकारियों और कर्मचारियों को योजना को जनहित में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना से किसानों को सरकारी लाभ सीधे और बिना किसी बाधा के मिल सकेंगे। सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए बार-बार कागजी प्रक्रिया का झंझट से मुक्ति मिलेगी। हर किसी की अपनी डिजिटल पहचान यानि फार्मर आईडी तैयार होगी। इसके आधार पर कृषि से जुड़े सभी कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से फॉर्मर रजिस्ट्री योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी प्रियंका रानी ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री बनने के बाद किसान पीएम किसान निधि, बीज अनुदान, फसल बीमा, कृषि अनुदान, बैंक ऋण और अन्य योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकेंगे। बताया कि इससे फसल क्षति या फिर आपदा की स्थिति में मुआवजा की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी। प्रियंका रानी ने बताया कि आईडी निर्माण के लिए किसानों को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र), जमाबंदी और रसीद लाना होगा। कृषि विभाग द्वारा ई-केवाईसी की जाएगी, जबकि राजस्व विभाग के कर्मचारी भूमि विवरण के आधार पर आईडी तैयार करेंगे। जिन किसानों के पास एलपीसी नहीं होगा, उनका मौके पर ही एलपीसी बनाया जाएगा। डीएओ पप्पू कुमार ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री भारत सरकार के एग्री स्टैक की एक अहम कड़ी है, जिससे किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार होगा। उन्होंने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे अपने पंचायत स्तर के कृषि एवं राजस्व कर्मियों से संपर्क कर शीघ्र फार्मर आईडी बनवाएं, ताकि पीएम किसान की 22वीं किस्त समेत सभी लाभ समय पर मिल सकें।

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