सुपौल : धूप-छांव के बीच बढ़ी ठंड, ओपीडी में बढ़ने लगे मरीज
सुपौल में बुधवार सुबह घना कोहरा रहा, जिसके बाद धूप निकली लेकिन पछुआ हवा से ठंड बढ़ गई। इस मौसम में मरीजों की संख्या 20 प्रतिशत तक बढ़ी है। सर्दी, खांसी, बुखार और सांस की दिक्कत वाले मरीज ज्यादा आ रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिन हल्की ठंड और कोहरे की संभावना जताई है।
सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। बुधवार सुबह जिले में घना कोहरा छाया रहा। कुछ देर बाद धूप निकली, लेकिन दोपहर बाद पछुआ हवा चलने से ठंड बढ़ गई। दिनभर मौसम धूपझ्रछांव जैसा बना रहा। सुबह और शाम कनकनी बढ़ने से लोग ठिठुरते नजर आए। मौसम के इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। सदर अस्पताल सहित जिले के अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या में करीब 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम, एलर्जी और सांस की दिक्कत वाले मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, अचानक बदलते मौसम से शरीर का संतुलन बिगड़ता है, जिससे वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। बच्चों में जुकाम और बुखार के मामले बढ़े हैं, जबकि बुजुर्गों में सांस लेने में तकलीफ और जोड़ों के दर्द की शिकायत ज्यादा आ रही है। सुबह से ही ओपीडी में मरीजों की लाइन लग रही है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले एक-दो दिनों में हल्की ठंड और बढ़ सकती है। सुबह के समय कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि दिन में धूप निकलने के बावजूद पछुआ हवा के कारण ठंडक महसूस होती रहेगी। सप्ताह के बाद कई इलाकों में बादल छाए रहने के भी आसार हैं, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने, ठंडी हवा से बचने और बाहर निकलते समय एहतियात बरतने की सलाह दी है। वहीं कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस मौसम से सब्जी और दलहनी फसलों पर असर पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि सुबह के समय सिंचाई से बचें और फसलों को कोहरे व ठंड से बचाने के लिए ढंक कर रखें। बदलते मौसम के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि सर्दी से जुड़ी बीमारियों से खुद को सुरक्षित रखा जा सके।

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