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सुपौल : असामान्य बारिश के कारण अक्तूबर में भी सता रही गर्मी

सुपौल : असामान्य बारिश के कारण अक्तूबर में भी सता रही गर्मी

संक्षेप:

सुपौल में जलवायु परिवर्तन और असामान्य बारिश के कारण अक्टूबर में गर्मी बढ़ गई है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री से ऊपर रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर तक इसी...

Mon, 13 Oct 2025 12:06 AMNewswrap हिन्दुस्तान, सुपौल
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सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जलवायु परिवर्तन और असामान्य बारिश से अक्टूबर माह में उमसभरी गर्मी रह रही है। पिछले कई दिनों से गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। अक्टूबर में भी मई-जून जैसी भीषण गर्मी का अहसास हो रहा है। लगभग अक्टूबर बीतने वाला है, लेकिन तेज धूप और उमस कम होने का नाम नहीं ले रही है। तेज धूप की वजह से अधिकतम तापमान भी दो दिनों से 33 डिग्री से ऊपर है। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के ऊपर बरकरार है। सुबह 10 से शाम 5 बजे तक अधिक गर्मी का एहसास हो रहा है। मौसम विभाग ने 20 अक्तूबर तक तेज धूप और उमस भरी गर्मी बरकरार रहने की संभावना व्यक्त की है।

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बीते आठ साल में इसबार सबसे अधिक गर्मी पड़ रही है। साल 2022 के बाद इस साल अक्तूबर में हर दिन सामान्य से अधिक तापमान रह रहा है। 12 अक्तूबर को सामान्य रूप से अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस रहना चाहिए। न्यूनतम तापमान भी 23.2 डिग्री रहना चाहिए। जबकि, अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक रहा। मौसमविदों की मानें तो बीते दो दिनों से शाम में पछुआ हवा के प्रवाह के कारण न्यूनतम तापमान में थोड़ी नरमी आई है। यही वजह है कि शाम के बाद गुलाबी ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम वैज्ञानिक एसके सुमन ने बताया कि अभी जिले का अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री के बीच बना रहेगा। अक्तूबर माह में पड़ रही भीषण गर्मी की सबसे बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन और असामान्य बारिश है। इस साल मानसून में भी सामान्य से कम बारिश हुई है। अंतिम में भी कम बारिश हुई है, जिससे गर्मी और उमस काफी है। 20 अक्तूबर के बाद ही तापमान में गिरावट की संभावना है। उधर, मौसम में हुए असामान्य परिवर्तन का असर मनुष्य के शरीर पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। इस मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार, बदन में ऐंठन, बदहजमी, गैस की शिकायत सहित अन्य बीमारी से लोग ग्रसित हो रहे हैं। प्रभारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी आशुतोष कुमार के मुताबिक जून में 231.7 एमएम बारिश की जरूरत थी लेकिन 90.3 एमएम बारिश हुई। इसी तरह जुलाई में 331.6 एमएम औसत बारिश की जगह 119.9 एमएम बारिश हुई। यही हाल अगस्त और सितंबर महीने का भी रहा। अगस्त में 308.8 एमएम की जगह 191.1 एमएम और सितंबर 236.5 की जगह 159.2 एमएम बारिश जिले में हुई। हालांकि अक्टूबर का प्रथम सप्ताह बारिश के लिहाज से काफी बेहतर रहा। 12 अक्टूबर तक 30 एमएम की जगह 247.3 एमएम बारिश हो चुकी है।