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 प्राकृतिक खेती के लिए 125 किसानों का चयन, मृदा स्वास्थ्य पर वस्तिृत चर्चा

प्राकृतिक खेती के लिए 125 किसानों का चयन, मृदा स्वास्थ्य पर वस्तिृत चर्चा

संक्षेप:

बलुआ बाजार में 5 दिसंबर को वश्वि मृदा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षण दिया गया और मृदा स्वास्थ्य के महत्व पर चर्चा की गई। किसानों से जैविक खाद बनाने और पर्यावरण की रक्षा करने की शपथ दिलाई गई। 600 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी वितरित किए गए।

Dec 07, 2025 01:21 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सुपौल
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बलुआ बाजार, एक संवाददाता बसंतपुर प्रखंड स्थित ई-किसान भवन में शुक्रवार को वश्वि मृदा दिवस मनाया गया। साथ ही राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत किसानों को प्रशक्षिण दिया गया। इस दौरान विभागीय कृषि योजनाओं के तहत मिलने वाले अनुदान तथा स्वस्थ धरा, खेत हरा मूलमंत्र की जानकारी दी गयी। वही मौके पर उपस्थित किसानों को शपथ दिलाई गई कि अपने खेत के अवशेष से जैविक खाद का नर्मिाण करके उपयोग में लाये। और अपने आसपास में पेड़ पौधे लगा कर पर्यावरण को हरा भरा बनाए रखने में सहयोग करें। जिससे ऑक्सीजन की कमी नही हो। मृदा स्वास्थ्य के महत्व और इसके संरक्षण के लिए आवश्यक उपायों पर चर्चा की।

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इस बाबत अनुमंडल कृषि पदाधिकारी वीरपुर संजीव कुमार तांती ने बताया कि वश्वि मृदा दिवस हर साल 5 दिसंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मट्टिी के महत्व को उजागर करना है। मट्टिी की खराब स्थिति के कारण मट्टिी का तेजी से कटाव हो रहा, जो दुनिया भर में एक गंभीर पर्यावरणीय मुद्दा बनता जा रहा। लगभग 46 साल पहले भारत में 'मट्टिी बचाओ आंदोलन' की शुरुआत की गई थी। इस दौरान कृषि अधिकारियों ने किसानों को अपनी मट्टिी की पहचान कर उसका परीक्षण कराकर संतुलित पोषक तत्वों का प्रयोग कर अधिक उपज लेने पर जोर दिया गया। बताया कि प्राकृतिक खेती में रासायनिक खाद एवं कीटनाशक का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंध है। प्राकृतिक रूप से उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कृषकों द्वारा की जाती है। जैसे फसल अवशेष एवं खेती में उपलब्ध गोबर, मूत्र इत्यादि। बताया कि प्रखंड अंतर्गत सातनपट्टी पंचायत 125 किसानों का चयन प्राकृतिक खेती के लिए किया गया है। प्राकृतिक खेती करने वाले कृषिकों को प्रोत्साहन राशि प्रति एकड़ के हिसाब से दी जाएगी। वश्वि मृदा स्वास्थ्य दिवस पर सभी किसानों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने खेत की मट्टिी की जांच कराने के बाद जारी स्वास्थ्य मृदा कार्ड के अनुसार पोषक तत्वों के प्रयोग करें। मृदा स्वास्थ्य कार्ड में वर्णित 12 तत्व के बारे में वस्तिृत जानकारी दी गयी। प्रखंड अंतर्गत करीब 600 किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत कार्ड वितरण किया गया। किसानों से अनुरोध किया गया कि कार्ड पर अंकित अनुशंसित उर्वरक के मात्रा के अनुसार ही उपयोग किया जाए। इस मौके पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी अमित कुमार , कृषि समन्वयक धर्मेंद्र कुमार, राजीव रंजन, किसान सलाहकार लालचंद कुमार, भोला राम, पवन कुमार, कृषि सखी गायत्री कुमारी, किरण कुमारी, किसान विभाकर झा, पवन कुमार झा, वक्रिम राउत, विकास कुमार झा अविनाश आनंद आदि मौजूद थे।