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29 नवंबर, 2020|4:51|IST

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बसें चली पर गाइड लाइन की अनदेखी

बसें चली पर गाइड लाइन की अनदेखी

परिवहन विभाग ने बसों के परिचालन की छूट दी है। इसके बाद मंगलवार को स्टैंड से बसें खुलनी तो शुरू हो गई लेकिन पहले दिन ही संचालकों ने सुरक्षा निर्देशों का अनुपालन नहीं किया। बसों में सोशल डिस्टेंसिंग को नजरअंदाज कर जैसे-तैसे सवारी बैठाए जा रहे थे तो मास्क लगाने को लेकर कोई पाबंदी नहीं थी।

परिवहन विभाग ने बस में यात्रियों के चढ़ने से पहले उसे सेनिटाइज करने का आदेश दिया गया लेकिन यात्रियों के लिए सेनिटाइजर तो दूर हैंडवाश की भी व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा बस के अंदर-बाहर ना तो किसी तरह के जागरुकता पोस्टर लगाए गए और ना ही ट्रिप पर बसों को सेनिटाइज किया गया। कोई अधिकारी बस स्टैंड का ना तो जायजा लेने पहुंचे और ना ही किसी मजिस्ट्रेट की तैनाती दिखी।

किराया में भी की गई है बढ़ोत्तरी: छूट के बाद बस परिचालन में यात्रियों से 15 से 20 फीसदी अधिक किराया वसूला जा रहा है। पहले सहरसा का किराया 50 रुपए लगता था तो मंगलवार को 60 रुपए वसूला गया। यही हाल भलुआही का था। पुराना रेट 80 रुपए की जगह 100 रुपए यात्रियों से लिया जा रहा था। कई बस संचालकों ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार बस चलाने से नुकसान होगा। इससे डीजल का खर्च भी नहीं निकल सकेगा। कम यात्री बैठाने के नियम का पालन करने के लिए किराया बढ़ाना ही होगा।

बस स्टैंड में मंगलवार को विभिन्न जगहों के लिए खुलती बसें। फोटो: हिन्दुस्तान

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  • Web Title:Buses gone but guide line ignored