सुपौल : शिविर से भागे कर्मी, फॉर्म नहीं लेने पर हुआ हंगामा

सुपौल : शिविर से भागे कर्मी, फॉर्म नहीं लेने पर हुआ हंगामा

संक्षेप:

बिहार सरकार द्वारा भूमि विवादों के समाधान के लिए आयोजित राजस्व महाअभियान शिबिर त्रिवेणीगंज में कर्मियों की लापरवाही से विफलता का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने शिकायत की कि कर्मी समय पर नहीं आते और...

Sep 14, 2025 11:48 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सुपौल
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त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। बिहार सरकार द्वारा भूमि विवादों के समाधान और राजस्व अभिलेख में दर्ज त्रुटि निपटारे के लिए चलाए जा रहे राजस्व महाअभियान शिबिर त्रिबेनीगंज में रस्मअदायगी बनकर रह गया हैं। शनिवार को अंचल के परसागढ़ी पंचायत सरकार भवन में आयोजित शिबिर ने इसकी हकीकत उजागर कर दी। परसागढ़ी उत्तर और परसागढ़ी दक्षिण पंचायत के लिए लगाए गए इस शिबिर में लोगो की भारी भीड़ तो उमड़ी, लेकिन कर्मियों की लापरवाही और उदासीन रवैये ने पूरे अभियान की साख पर सवाल खड़ा कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि शिबिर में तैनात कर्मी समय की पाबंदी नहीं रखते। वे दोपहर 11–12 बजे आते हैं।

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शाम 5 बजे काम समेटकर लौट जाना उनकी दिनचर्या बन चुकी है। शनिवार को भी जब लोगों ने कागजात जमा करना चाहा तो कर्मियों ने लेने से साफ मना कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और कर्मियों को पंचायत भवन के भीतर ही रोक लिया। हालाँकि मौके की नजाकत भाँपकर कर्मी ऑपरेटर पीछे के रास्ते से भागने में सफल रहा। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की सूचना देने के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी शिविर स्थल पर पहुंचना तो दूर, फोन रिसीव करना या जवाब देना तक मुनासिब नहीं समझे। हो हंगामा की जानकारी मिलने पर पंचायत के मुखिया दीपक कुमार ने पहुंच कर आक्रोशित भीड़ को शांत कराया और विभागीय अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराने की कोशिश की। लेकिन अंचल और अनुमंडल के पदाधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाया। मुखिया ने कहा कि लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आते हैं, मगर खानापूर्ति के चलते अभियान का मूल उद्देश्य ही विफल हो रहा है। शिबिर में आवेदन जमा नहीं कर पाने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीण रामप्रवेश यादव ने कहा कि हम लोग जमीन विवाद और दाखिल-खारिज परिमार्जन के चक्कर में महीनों से ब्लॉक का दौड़ लगा रहे हैं। शिविर में भी समाधान नहीं मिला तो आखिर कहां जाएंगे। वहीं कई ग्रामीणों का कहना था कि जब कागजात ही स्वीकार नहीं होंगे तो इस महाअभियान का लाभ आम जनता तक कैसे पहुंचेगा। इस बाबत डीसीएलआर संस्कार रंजन ने कहा कि शिविर में भीड़ अधिक होने और तकनीकी कारणों से कुछ लोगों के कागजात जमा नहीं होने की सूचना मिली है। सीओ को इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।