
सुपौल : राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम से युवाओं को मिल रहा रोजगार का अवसर
किशनपुर प्रखंड में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और एनएसडीसी के सहयोग से राजमिस्त्रियों के लिए भूकंपरोधी निर्माण का दस दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा है। 30 राजमिस्त्रियों में से 27 प्रतिदिन प्रशिक्षण...
किशनपुर, एक संवाददाता। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और एनएसडीसी के बीच हुए समझौते के तहत किशनपुर प्रखंड परिसर में राजमिस्त्रियों को भूकंपरोधी निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत दस दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है, जिसमें कुल 30 राजमिस्त्री शामिल किए गए हैं। इनमें से 27 प्रशिक्षणरत राजमिस्त्री प्रतिदिन उपस्थित होकर सीख रहे हैं। राजमिस्त्रियों को प्रतिदिन 700 रुपए का भुगतान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण का संचालन प्रशिक्षक संजीत द्वारा किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और टिकाऊ निर्माण कार्य को बढ़ावा देना है, ताकि आपदा के समय लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रशिक्षण में राजमिस्त्रियों को वैज्ञानिक तरीके से घर बनाने, दीवारों की मजबूती, छत की संरचना तथा आवश्यक तकनीकी उपायों की जानकारी दी जा रही है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह की पहल से न केवल आपदा प्रबंधन के समय सुरक्षित भवन निर्माण सुनिश्चित होगा बल्कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद युवाओं को प्रमाणपत्र दिया जायेगा। इस बाबत सुखासन निवासी पिंटू कुमार चौधरी ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें निर्माण कार्य में अधिक दक्षता और आत्मविश्वास मिल रहा है। उनका कहना है कि अब वे न केवल सुरक्षित घर बना सकेंगे, बल्कि अपने काम में भी गुणवत्ता और विश्वसनीयता ला पाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े युवाओं के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आजीविका का नया जरिया साबित हो रहा है। इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे बल्कि आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी समाज को मजबूत बनाएंगे।

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