सुपौल : पुल निर्माण में लापरवाही पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, चुनावी माहौल में उठी विकास की मांग
संक्षेप: बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दुबियाही पंचायत के दिगिया गांव में टूटा पुल अभी तक नहीं बना है, जिससे 600 लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों ने अस्थायी पुल बनाने की कोशिश की, लेकिन बाढ़ में वह बह गया। अब, ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुल नहीं बनेगा, तब तक वोट पर विचार करना पड़ेगा।
किशनपुर, एक संवाददाता। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच एक बार फिर विकास कार्यों की धीमी रफ्तार चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रखंड अंतर्गत दुबियाही पंचायत के दिगिया गांव वार्ड नंबर 11 में 2023 में टूटा पुल आज तक नहीं बन पाया है। इससे ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल टूटने के बाद से ही 600 की जनसंख्या सीधे तौर पर प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने अपनी पहल पर अस्थायी चचरी पुल बनाकर आने-जाने की व्यवस्था की थी, लेकिन पिछले साल आई भीषण बाढ़ में वह पुल बह गया। मजबूरी में लोगों ने इस बार बिजली पोल से पुल तैयार कर रखा है, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल ले जाने और सामान की ढुलाई में काफी परेशानी होती है। चुनावी मौसम में अब ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक पुल नहीं बनेगा, तब तक वोट पर भी विचार करना पड़ेगा। स्थानीय निवासी उपेंद्र यादव,मोती लाल यादव, संतोष ठाकुर,बद्री साह,कारी साह, सत्यनारायण साह सहित कई लोगों ने प्रशासन से जल्द पुल निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि नेताओं ने कई बार आश्वासन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

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