DA Image
हिंदी न्यूज़ › बिहार › सुपौल › बेलासिंगार मोती हत्याकांड का खुलासा, दो गिरफ्तार
सुपौल

बेलासिंगार मोती हत्याकांड का खुलासा, दो गिरफ्तार

हिन्दुस्तान टीम,सुपौलPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 11:41 PM
बेलासिंगार मोती हत्याकांड का खुलासा, दो गिरफ्तार

सुपौल । हिन्दुस्तान संवाददाता

10 अक्टूबर की देर रात निर्मली थाना क्षेत्र के बेलासिंगार मोती के लौकहा टोला में शिवकुमार यादव की हुई हत्या मामले का महज आठ घंटे में ही खुसाला करने का दावा पुलिस ने किया है। इस मामले में एसपी मनोज कुमार द्वारा गठित स्पेशल टीम ने हत्या के आरोपित पवन कुमार यादव और कपिल कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

दोनों मधुबनी जिले के अंधरामठ थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पवन यादव की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बाइक सहित दो बाइक, एक पिस्टल, दो मैग्जीन और तीन गोली और दो मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है।

एसपी श्री कुमार ने सोमवार को अपने वेश्म में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि पवन 2019 से ही शराब की तस्करी कर रहा था। इसी प्रतिद्वंदिता में हुए विवाद के बाद शिवकुमार यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया कि इस गिरोह के शराब तस्करी का नेटवर्क सुपौल और मधुबनी जिला के विभिन्न थाना क्षेत्रों में फैला हुआ। इस गिरोह के सदस्य शराब के धंधे में शामिल हैं। इसके लिए लूट और हत्या की घटना को भी अंजाम दे देते हैं।

एसपी ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपितों के खिलाफ वारदात में शामिल होने के पर्याप्त वैज्ञानिक साक्ष्य मिले हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा।

उधर, सूत्रों की मानें तो गिरोह के सदस्यों ने शराब तस्करी से काफी संपत्ति अर्जित की है। गिरोह के सदस्य कारोबार को चमकाने के लिए पिस्टल रखते हैं। पवन ने शराब कारोबार में प्रतिद्वंदिता बढ़ने के बाद 22 हजार में पिस्टल खरीदी थी। पुलिस अच्छे से मामले की छानबीन कर इसकी तह तक पहुंची और इसका खुलासा भी कर दिया।

गाड़ी पकड़वाने को ले पवन व शिवकुमार में हुआ था विवाद

पुलिस के हत्थे चढ़े पवन यादव ने बताया कि 30 सितंबर को नेपाल से शराब लेकर आ रहा था। निर्मली थाना क्षेत्र के महुआ के पास पुलिस के पीछा करने पर बाइक सहित शराब छोड़कर भाग गया था। उसके बाद से ही पवन के गिरोह के सदस्यों को शिवकुमार पर शराब कारोबार में प्रतिद्वंदिता के कारण शराब पकड़वाने का शक था। सूत्रों की मानें तो 10 अक्टूबर की रात भी शिवकुमार और पवन यादव के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ था जिसमें पवन की गोली से शिवकुमार की मौत हो गई थी।

टीम में शामिल सदस्यों को किया जाएगा पुरस्कृत

एसपी ने बताया कि एसआईटी का नेतृत्व निर्मली एसडीपीओ पंकज कुमार कर रहे थे। उनके अलावा टीम में निर्मली इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार मांझी, थानाध्यक्ष पंकज कुमार, पुअनि वशिष्ट मुनि राय के अलावा डीआईयू और गोपनीय की टीम शामिल थीं। बताया कि इसमें शामिल सभी सदस्यों को पुरस्कृत किया जाएगा।

संबंधित खबरें