मधुबनी मदरसा में मशहूर किताब बुखारी शरीफ की पढ़ाई हुई शुरू
भीमपुर के मधुबनी पंचायत स्थित मदरसा जामीयत-उल-कासिम में सहीह बुखारी की पढ़ाई शुरू करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कारी जफर इकबाल मदनी ने की। मुफ्ती शाहिद अली कासिमी ने पहला पाठ पढ़ाया, जिसमें बुखारी शरीफ की महत्वता को बताया गया।

भीमपुर एक संवाददाता छातापुर प्रखंड के मधुबनी पंचायत स्थित मदरसा जामीयत-उल-कासिम दारुल उलूम इल इस्लामिया परिसर में गुरुवार की रात हदीस की मशहूर किताब सहीह बुखारी की पढ़ाई शुरू कराने को लेकर कार्यक्रम आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कारी जफर इकबाल मदनी ने की। वहीं संचालन मुफ्ती मुहम्मद अंसार कासमी द्वारा किया गया। हदीस का पहला पाठ मुफ्ती शाहिद अली कासिमी ने पढ़ाया। उन्होंने छात्रों को बताया कि बुखारी शरीफ की शुरुआत अल्लाह के रसूल के ज़िक्र से होती है। यह किताब पवित्र हदीस की सबसे भरोसेमंद किताब है, जिसमें इमाम बुखारी ने ज़िंदगी के हर पहलू से जुड़ी हदीसें इकट्ठा की हैं।
मौलाना शाहनवाज बद्र कासमी ने कहा कि जमीयत-उल-कासिम एक संपूर्ण और व्यापक संस्था है। इसकी ताकत और आत्मा आप हैं। यह संस्था हमारा सम्मान, प्रतिष्ठा और हमारा भविष्य है। मौलाना मुफ्ती मुजाहिदुल इस्लाम कासमी ने कहा कि जमीयत उल कासिम का संस्थापक डॉ मुफ्ती महफूज-उर-रहमान उस्मानी का जो सोच और सपना था जो आज पूरा हो रहा है। मौके पर मुफ्ती मुहम्मद अमानुल्लाह कासमी, मौलाना सनाउल्लाह नदवी अज़हरी, मौलाना नेमतुल्लाह कासमी, कारी मुहम्मद खुर्शीद, मौलाना मुहम्मद अंसारुल हक कासमी, मुफ्ती मुहम्मद सज्जाद कासमी, हाफिज मुहम्मद असलम परवाना, मौलाना मुहम्मद इम्तियाज रहमानी, कारी शमशेर आलम जामी, कारी मुहम्मद नजमुद्दीन शशतसी, शेख मुफ्ती अकील अनवर मज़ाहेरी, शेख मुफ्ती नबी हसन मज़ाहेरी ने अपने विचार रखे। मौके पर शाहजहां शाद, मोती अहमद, मकसूद मसन, हाफिज नसीम इकबाल, डॉ मुमताज आलम, आफताब आलम, रहमत अली आदि मौजूद थे।
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