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सुपौल : रास्ता विवाद में चला प्रशासन का बुलडोजर, कई घर ढहे

सुपौल : रास्ता विवाद में चला प्रशासन का बुलडोजर, कई घर ढहे

संक्षेप:

किशनपुर के पंडित टोला में रास्ता विवाद के चलते प्रशासन ने कार्रवाई की। सीओ सुशीला कुमारी के नेतृत्व में अतिक्रमित रास्ते को खाली करवाया गया, जिससे कई घर ढह गए। प्रभावित परिवारों ने नाराज़गी जताई और न्यायालय जाने का इरादा किया। प्रशासन ने कहा कि सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Sun, 30 Nov 2025 10:33 PMNewswrap हिन्दुस्तान, सुपौल
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किशनपुर‌, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के अंदौली पंचायत के वार्ड संख्या 08 स्थित पंडित टोला में मंगलवार को रास्ता विवाद में प्रशासनिक कार्रवाई की गई। जहां सीओ सुशीला कुमारी के नेतृत्व में अतिक्रमित रास्ते को खाली करवाने के दौरान कई घरों को ढहाया गया। जिससे प्रभावित परिवारों में नाराज़गी और आक्रोश देखा गया। सीओ सुशीला कुमारी ने बताया कि रास्ता विवाद को लेकर ग्रामीणों द्वारा आवेदन दिया गया था। जहां मामले के जांचोपरांत संबंधित पक्ष रामू पंडित, रामफल पंडित एवं नारायण पंडित को तीन बार नोटिस जारी कर अतिक्रमित रास्ता से घर हटाने का आदेश दिया गया था। नोटिस के बावजूद किसी भी प्रकार की कार्रवाई न होने पर प्रशासनिक बुलडोज़र चलाकर रास्ता को पुनः सुचारू कर दिया।

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उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रास्ता पर किसी भी तरह की अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां भी इस तरह का मामला सामने आएगा। वहां से अतिक्रमित भूमि को खाली करवाया जाएगा। इधर, प्रभावित गृहस्वामी बेचन पंडित ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पास जिस भूमि पर घर बना है, उसका केवाला मौजूद है। उन्होंने बताया कि इसी तरह कई अन्य लोगों का घर भी है। लेकिन चुनिंदा घरों को ही तोड़ा गया। बेचन पंडित ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि वे न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगे। उनका दावा है कि उन्होंने नोटिस के जवाब में जमीन का दस्तावेज भी जमा किया था। फिर भी घर तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान सीओ के साथ एसआई अर्जुन कुमार पाल के अलावे काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे। ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। मौके पर ग्रामीणों की भी भीड़ एकत्र रही और प्रशासन एवं प्रभावित परिवारों के बीच तीखी नोंकझोंक भी देखने को मिली। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद रास्ता पुनः खोल दिया गया है। लेकिन बेघर हुए परिवार अब न्याय की लड़ाई लड़ने की तैयारी में हैं।