डॉक्टर बनना है या इंजीनियर, बिहार में नौवीं क्वास में ही छात्र चुनेंगे करियर; सम्राट सरकार का क्या है प्लान

हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
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बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब छात्रों को नौवीं कक्षा से ही स्पेशल क्लास कराए जाएंगे। इस स्पेशल क्लास में छात्र अपने करियर से संबंधित विषयों को पढ़ सकेंगे। छात्र यह चुन सकेंगे कि वो इंजीनियर बनना चाहते हैं या फिर डॉक्टर

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बिहारी प्रतिभा अब उच्च विद्यालयों में ही तराशे जाएंगे। राज्य की सम्राट चौधरी सरकार ने अपने प्रतिभावान बच्चों को मैट्रिक के पहले नौवीं कक्षा से ही करियर चुनने का अवसर उपलब्ध कराएगी। सरकार का प्लान है कि स्कूलों में इसके लिए स्पेशल क्लास कराए जाएं ताकि वो (छात्र) डॉक्टर बनना या इंजीनियर, यह तय कर सकेंगे। राज्य सरकार ने इसकी तैयारी कर ली है। जानकरी के मुताबिक, फिलहाल राज्य के मॉडल स्कूलों से इसका प्रारंभिक प्रयोग प्रारंभ होगा। प्रयोग सफल होने पर आगे इसका विस्तार किया जाएगा।

शिक्षा विभाग मॉडल स्कूल को बच्चों की प्रतिभा निखारने का प्लेटफॉर्म बनाना चाहता है। विभाग ने कक्षा 9वीं से ही इच्छुक बच्चों को मनपसंद करियर चुनने और इसके लिए विशेष अध्ययन की व्यवस्था करने की योजना बनाई है। उन्हें 9वीं से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए सुविधा मिलेगी। उनके लिए न केवल विशेष कक्षाएं चलेंगी, बल्कि हर तरह की शैक्षणिक मदद की जाएगी। सम्राट चौधरी के नए फैसले के तहत वे नियमित वर्ग के बाद मेडिकल या इंजीनियरिंग की तैयारी की बुनियादी पढ़ाई कर सकेंगे।

सामान्यत: मैट्रिक के बाद यानी 11वीं में बच्चे तय करते हैं कि उन्हें विज्ञान, कला या फिर वाणिज्य की दिशा में आगे बढ़ना है। अगर विज्ञान का चयन करते हैं तो इसमें भी दो विकल्प गणित या जीव विज्ञान का रहता है। इन दोनों से मेडिकल या इंजीनियरिंग का कॅरियर चुन पाते हैं। अब सरकार ने मॉडल स्कूल के जरिये बच्चों को 9वीं में ही तैयार करने की योजना बनायी है। विभाग के मुताबिक, इस सुविधा से बच्चों को कॅरियर बनाने में काफी मदद मिलेगी।

बिहार सरकार ने सात निश्चय-तीन के तहत राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एक-एक अत्याधुनिक मॉडल स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। यह सरस्वती विद्या निकेतन के नाम से जाना जाएगा। इन स्कूलों में कॉन्वेंट से बेहतर विश्वस्तरीय शिक्षा और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इन उच्च विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई होगी। कक्षा 9 में नामांकन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस संबंध में कहा कि हम मॉडल स्कूल को सही मायने में बेहतर शैक्षणिक केन्द्र बनाना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य है कि बच्चों को वहां न केवल उन्नत शिक्षा और अन्य सारी सुविधा मिले, बल्कि उन्हें बेहतर कॅरियर चुनने में भी मदद मिले। जाहिर है सरकार के इस फैसले से बिहार में छात्रों को बड़ा फायदा पहुंचेगा। छात्र अपने भविष्य को लेकर नए सिरे से तैयारी कर सकते हैं।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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