बिहार में फिर भड़केगी छात्र आंदोलन की चिंगारी, छात्र नेता दिलीप ने BSSC को दी बड़ी डेडलाइन
Student Leader Dilip News: छात्र नेता दिलीप ने BSSC को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए द्वितीय इंटर स्तरीय और CGL-4 परीक्षाओं की तारीखें घोषित करने तथा संविदा वेटेज को तुरंत खत्म करने की मांग की है।

Student Leader Dilip News: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्र-छात्राओं के हक में आवाज उठाने वाले प्रमुख छात्र नेता दिलीप कुमार ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) और राज्य सरकार के खिलाफ एक बार फिर से मोर्चा खोल दिया है। पटना से जारी एक वीडियो संदेश में छात्र नेता दिलीप ने आयोग के ढुलमुल रवैये पर अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए सरकार को साफ तौर पर 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने मांग की है कि आयोग बिना किसी देरी के 'बीएसएससी द्वितीय इंटर स्तरीय' और 'बीएसएससी सीजीएल-4' की परीक्षा तिथियों की तुरंत घोषणा करे, अन्यथा आने वाले दिनों में बिहार की सड़कों पर एक बड़ा और अभूतपूर्व छात्र आंदोलन देखने को मिलेगा।
विज्ञापनों के सालों बीतने के बाद भी नहीं घोषित हुई एग्जाम डेट
वीडियो में छात्र नेता ने आंकड़ों का हवाला देते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर और तीखे सवाल खड़े किए हैं। बीएसएससी द्वितीय इंटर स्तरीय परीक्षा का विज्ञापन सितंबर 2023 में ही जारी किया गया था। इस विज्ञापन को आए अब लगभग 22 महीने यानी करीब दो साल का लंबा वक्त बीतने वाला है, लेकिन आयोग अब तक इसकी प्रारंभिक परीक्षा की तिथि तक घोषित नहीं कर सका है। वहीं दूसरी तरफ, साल 2025 में आए BSSC CGL-4 के विज्ञापन को भी 10 महीने से अधिक का समय हो चुका है। दिलीप कुमार ने कहा कि विज्ञापनों के सालों बाद भी परीक्षा न कराना लाखों प्रतिभावान और ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ घोर अन्याय और नाइंसाफी है।
संविदा वेटेज को बताया धांधली सेटिंग का नया चोर दरवाजा
छात्र नेता दिलीप कुमार ने परीक्षा नियमों में शामिल किए गए संविदा वेटेज को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह खत्म करने की पुरजोर वकालत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविदा वेटेज असल में धांधली और सेटिंग का एक नया द्वार है, जिससे मेहनत करने वाले नए और मेधावी छात्रों को नौकरी मिलने से रोका जा रहा है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी आग्रह किया कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर आयोग की व्यवस्था को सुधारें। दिलीप ने सभी अभ्यर्थियों से एकजुट होने की अपील करते हुए अपना मोबाइल नंबर (7282005656) भी साझा किया है, ताकि आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 10 दिनों में न्याय नहीं मिला, तो इस महा-आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी केवल और केवल बीएसएससी की होगी।


