रॉड से सिर पर हमला, फिर स्कॉर्पियो से कुचल दिया; EO मर्डर केस में ड्राइवर ने की थी दरिंदगी
ड्राइवर मिथिलेश ने स्वीकार किया कि रॉड से पहले सिर पर हमला कर बेहोश कर दिया। जमीन पर पड़े ईओ पर स्कॉर्पियो चढ़ा दिया।

बिहार के डेहरी-डालमियानगर ईओ हत्याकांड में अब नया खुलासा हुआ है। मामले में आरोपित चालक ने ईओ पर न सिर्फ रॉड से हमला किया, बल्कि जमीन पर गिरे ईओ विमल कुमार पर स्कॉर्पियो भी चढ़ा दी। एसआईटी द्वारा अब तक किए गए अनुसंधान के आधार पर प्रगति प्रतिवेदन जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि तकनीकी विश्लेषण के आधार पर चालक मिथिलेश कुमार को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में मिथिलेश ने स्वीकार किया कि छुट्टी नहीं मिलने तथा ईओ का उसके प्रति व्यवहार को लेकर वह लंबे समय से तनाव में था। डेहरी से पटना जाने के दौरान पेशाब करने को लेकर हुई कहासुनी के बाद वह अत्यधिक गुस्से में आ गया। स्वीकारोक्ति बयान के अनुसार, बारुण-दाउदनगर नहर रोड पर उसने गाड़ी रोककर डिक्की से टायर खोलने वाला लीवर पाइप (रॉड) निकाला और कार्यपालक पदाधिकारी के सिर पर लगातार वार किए, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद ईओ पर स्कॉर्पियो को आगे-पीछे कर चढ़ा दिया। बाद में घायल ईओ को सड़क किनारे गड्ढे में धक्का दे दिया। घटना में प्रयुक्त रॉड को नहर के पास फेंक दिया था। चालक की निशानदेही पर रॉड बरामद कर ली गई है।
डंप कॉल को खंगाल रही एसआईटी
डेहरी-डालमियानगर ईओ हत्याकांड में अन्य संभावित आरोपितों की भूमिका की जांच के लिए घटनास्थल का मोबाइल टावर डंप प्राप्त कर उसका विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही सभी संभावित संदिग्धों की सीडीआर निकालकर जांच की जा रही है। डेहरी से घटनास्थल तक लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज सुरक्षित कर उनका अवलोकन किया जा रहा है। नगर परिषद कार्यालय के कर्मचारियों से भी आवश्यक पूछताछ कर सभी संभावित बिंदुओं पर अनुसंधान जारी है। एसआईटी ने कहा है कि जांच के दौरान यदि कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं हत्याकांड में एसआईटी की प्रगति रिपोर्ट में कहा गया है कि मृतक विमल कुमार कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद डेहरी-डालमियानगर का पोस्टमार्टम प्रतिवेदन सदर अस्पताल सासाराम से प्राप्त हुआ है। रिपोर्ट के अवलोकन में चालक के स्वीकारोक्ति बयान में गाड़ी चढ़ाने तथा बरामद रॉड से हमला करने संबंधी तथ्यों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जख्म प्रतिवेदन में वर्णित चोटों की प्रकृति से काफी हद तक होती है।
नप के कामकाज, भुगतान और विवादों को भी जांच के दायरे में
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार हत्याकांड की जांच अब नगर परिषद कार्यालय तक पहुंच गई है। औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र में पांच दिन पूर्व हुई नृशंस हत्या मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने बुधवार को नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर कई कर्मियों से पूछताछ की। टीम के पहुंचते ही कार्यालय परिसर में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
ड्राइवर ने पहली सूचना किसे दी?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्याकांड में गिरफ्तार ईओ के चालक मिथिलेश कुमार के बयान के आधार पर उसके मोबाइल की जांच की जा रही है। घटना के दिन हत्या से करीब चार घंटे पहले से लेकर घटना के समय तक चालक ने किन-किन लोगों से बातचीत की, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही कॉल डिटेल के आधार पर संदिग्ध लोगों की भूमिका और आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है। एसआईटी इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या के बाद चालक ने पुलिस को सूचना देने से पहले किन लोगों से संपर्क किया था।
ड्राइवर के साथ कौन
गिरफ्तार चालक के अलावा अन्य लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसी कारण चालक के मोबाइल को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। जांच टीम कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार के कार्यकाल में नगर परिषद में हुए विकास कार्यों, करोड़ों रुपये की खरीदारी, भुगतान और लंबित योजनाओं से जुड़े दस्तावेज भी खंगाल रही है। राजनीतिक गतिविधियों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
ईओ की हत्या के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
ईओ की हत्या के बाद नगर परिषद के विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। वहीं कर्मियों में भी शोक का माहौल है। मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने बताया कि एसआईटी कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। जांच अभी जारी है और दोषी चाहे जो भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।


