मुजफ्फरपुर में आवारा कुत्ते की हत्या, 1 दिन में 50 से अधिक को काटा; 5 जख्मी हायर सेंटर रेफर
आवारा कुत्ते ने एक दिन में 50 से अधक लोगों को शिकार बना डाला। इनमें से 5 को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया।

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर में आवारा कुत्तों ने आतंक मचा रखा है। सरैया थाना क्षेत्र के गोरीगामाडीह गांव में आवारा कुत्ते ने एक दिन 50 से अधिक लोगों को जख्मी कर दिया। बताया जाता है कि शुक्रवार को सुबह करीब 5 बजे से दोपहर तक कुत्ते ने गांव में आतंक मचाया। इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर कुत्ते को खदेड़कर मार डाला।
कुत्ते के हमले में चंद्रकला देवी, मीणा देवी, मुन्नू शाही की पत्नी एवं मां, पृथ्वी सहनी और उनकी पत्नी, चंदेश्वर साह, बालेश्वर सहनी, मनटुन शाही, शंभू शाही, ललन साह, अनुज शाही, बिपिन शाही, विनय राय, संदीप शाही, लक्ष्मण सहनी, राजेश ठाकुर व उनके पुत्र सहित अन्य लोग जख्मी हो गए। गंभीर रूप से जख्मी नरेश शाही, गौरी शाही की पत्नी, नगीना सहनी, रजनीश सहनी के पुत्र तथा मुन्नू शाही को परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
मुखिया पति बिपेंद्र राम ने बताया कि सुबह टहलने निकले लोगों पर वार्ड 5 में कुत्ते ने हमला शुरू किया। इसके बाद वार्ड 1,2,3,4 में लोगों को काटते चला गया। मुखिया पति ने बताया कि घायलों को सीएचसी लाया गया, लेकिन वहां एंटी-रेबीज उपलब्ध नहीं था। इसके बाद सभी को तुर्की स्थित आरडीजेएम मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इससे पहले भी कुत्तों के आतंक से लोग हलकान रहे। नगर निगम की ओर से आवारा कुत्तों की नसबंदी का अभियान भी चलाया गया लेकिन वह फेल हो गया। शहर के मिठनपुरा में कुत्ते ने एक बच्चे को काटकर मार डाला तो हायतौबा मच गया। उसके बाद भी आवारा कुत्तों के आतंक से निजात नहीं मिली।
एंटी रैबिज सूई नहीं मिली
कुछ घायलों को सदर अस्पताल भेजवाया गया, वहां भी सभी को समय पर सूई नहीं मिल सकी। इसको लेकर ग्रामीणों में विभाग के प्रति आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पर्याप्त मात्रा में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की।
प्वाइंटर
● सरैया थाना क्षेत्र के गोरीगामाडीह गांव की घटना
● ग्रामीणों ने कुत्ते को खदेड़कर मार डाला
● अस्पतालों में एंटी-रेबीज की भारी किल्लत
राज्य में समस्या गंभीर
बिहार में आवारा कुत्तों की समस्या हाल के वर्षों में काफी गंभीर हुई है। हाल के आंकड़ों के अनुसार यह राज्य में एक बड़ी चुनौती बन गई है। स्वास्थ्य विभाग कुत्तों के शिकार होने वाले लोगों के पर्याप्त मात्रा में सूई नहीं उपलब्ध हो पा रहा है। बिहार में 2024 से 2016 के बीच कुत्ता काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। राज्य में हर दिन औसतन 776 लोग कुत्ते के काटने का शिकार हो रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य भर में 2.83 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 39,000 अधिक हैं। कुत्ता काटने के सबसे ज्यादा मामले पटना (29,280) में दर्ज किए गए। इसके बाद पूर्वी चंपारण, नालंदा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर,पश्चिमी चंपारण में कुत्तों का आतंक अधिक देखा जाता है।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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