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मुजफ्फरपुर नेटवर्किंग केस में लड़कियों के शोषण का राज खुलेगा? मास्टरमाइंड तिलक यूपी से गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर नेटवर्किंग केस में एसआईटी ने यूपी के गोरखपुर से मास्टरमाइंड तिलक सिंह को धर दबोचा है। जिस पर पीड़िता ने यौन शोषण का आरोपी लगाया था। इसकी पिस्टल के साथ फोटो भी वायरल हुई थी।

मुजफ्फरपुर नेटवर्किंग केस में लड़कियों के शोषण का राज खुलेगा? मास्टरमाइंड तिलक यूपी से गिरफ्तार
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Sandeepलाइव हिन्दुस्तान,मुजफ्फरपुरTue, 18 Jun 2024 05:41 PM
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मुजफ्फरपुर में नौकरी के बदले 100 से ज्यादा लड़कियों के शोषण के मामले में यूपी से बड़ी गिरफ्तारी हुई है। नेटवर्किंग केस में एसआईटी ने इस मामले में गोरखपुर से तिलक सिंह को गिरफ्तार किया है। ये वही आरोपी है, जिसका एक लड़की और पिस्टल के साथ फोटो वायरल हुआ था। हालांकि पुलिस पिस्टल बरामद नहीं कर सकी है।

आरोपी तिलक पर ही पीड़िता के साथ यौन शौषण और मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस फिलहाल आरोपित को कस्टडी में लेकर गहनता से पूछताछ कर रही है। सिटी एसपी अवधेश दीक्षित ने इसकी पुष्टि की है। उन्होने कहा कि पुलिस पीड़िता द्वारा लगाए सभी आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है। 

पीड़िता ने तिलक सिंह पर सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती करने, नौकरी का लालच देने, यौन शोषण करने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें लड़कियों को कथित तौर पर डीबीआर कंपनी में नौकरी देने का वादा किया गया था, हालांकि नौकरी की पेशकश के झांसे में आने के बाद उन्हें कैद में रखा गया था। और उनके साथ मारपीट की गई थी।

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वीडियो में एक लड़की ने अपनी आपबीती सुनाते हुए आरोप लगाया कि वह तिलक सिंह के संपर्क में आई, जिसने तुरंत उसे अच्छे वेतन के साथ नौकरी की पेशकश की। उन्होंने 20000 रुपये ट्रेनिंग फीस जमा की थी। कंपनी में शामिल होने के बाद, पीड़िता को कई अन्य लड़कियों के साथ एक कमरे में रहने के लिए मजबूर किया गया और बाद में तिलक और कंपनी के सीएमडी, मनीष सिन्हा द्वारा कंपनी में 50 और लड़कियों को शामिल करने के लिए कहा गया। पीड़िता ने बताया कि इस बीच तिलक सिंह उसके फ्लैट पर व्यक्तिगत रूप से आने लगा और शादी के बहाने उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया।

पुलिस द्वारा मुजफ्फरपुर के बखरी में कुछ परिसरों पर छापेमारी के बाद पीड़िता को बाद में हाजीपुर में दूसरे आवास में ले जाया गया, जहां उसे शुरुआत में रखा गया था। पीड़िता के मुताबिक हाजीपुर में ही आरोपी तिलक सिंह ने उसके साथ जबरन शादी की और बंधक बनाकर रखा। हालांकि, जब लड़की ने घर जाने की जिद की, तो कंपनी के सीएमडी मनीष सिन्हा ने उसे पटना जाने के लिए कहा, जहां उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर पीड़िता के फोन का सारा डेटा मिटा दिया। इसके बाद लड़की को दोबारा मुजफ्फरपुर ले जाया गया जहां से उसे घर लौटने के लिए कहा गया था।

इससे पहले डीबीआर यूनिक नेटवर्किंग कंपनी में काम करने वाली तीन लड़कियों ने पुलिस को बताया है कि नशे की गोली खिलाकर उन्हें मारा-पीटा गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाये गये। पीड़ित लड़कियों की संख्या 100 से अधिक बतायी जा रही हैं। बिहार, यूपी से लेकर नेपाल तक नेटवर्किंग कंपनी की शाखाएं हैं।

मुजफ्फरपुर, सुपौल, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, सीवान, गोपालगंज समेत बिहार के 10 से अधिक जिलों में लड़कियों का शारीरिक व मानसिक शोषण किया जा रहा है। यह दावा अहियापुर नेटवर्किंग मामले में सारण की पीड़िता ने पुलिस के समक्ष दिए बयान में किया है। इस बीच दो अन्य पीड़ित युवतियों ने मामले को लेकर पुलिस से मौखिक शिकायत की है। 

इस केस में सारण की युवती की शिकायत पर अहियापुर पुलिस ने सोमवार शाम को नेटवर्किंग कंपनी के बखरी स्थित कार्यालय पर छापा मारा। वहां दूसरी कंपनी का बैनर लगाकर चार दर्जन युवक-युवतियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। पुलिस ने वहां प्रशिक्षण दे रहे आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लिया।

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नेटवर्किंग कंपनी ने पीड़ितों को अलग-अलग जगह बुलाकर पहले इंटरव्यू लिया गया। फिर सेलेक्ट होने की सूचना देते हुए ट्रेनिंग के लिए 25-25 हजार रुपये लिए गए। ट्रेनिंग में जाने पर कम से कम दो और लोगों को जोड़ने का टास्क दिया गया। इसके बाद इनकी पोस्टिंग दूसरे जिलों में की गई, जहां इन्हें पहचानने वाला और मदद करने वाला कोई न हो।