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Hindi News बिहारपहले पापा कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न, अब रामनाथ ठाकुर बने मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री

पहले पापा कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न, अब रामनाथ ठाकुर बने मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री

जदयू के नेता रामनाथ ठाकुर मोदी सरकार 3.0 में केंद्रीय मंत्री का हिस्सा बनने जा रहे हैं। रामनाथ भारत रत्न से सम्मानित कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं। पिता की तरह ये भी पिछड़े लोगों में खासी पहचान रखते हैं।

पहले पापा कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न, अब रामनाथ ठाकुर बने मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री
Ratanलाइव हिंदुस्तान,बिहारSun, 09 Jun 2024 09:00 PM
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रामनाथ ठाकुर जनता दल पार्टी के नेता हैं। वह संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा में आरजेडी को रिप्रजेंट करते हैं। वे इससे पहले बिहार विधान परिषद के भी सदस्य रह चुके हैं। नरेंद्र मोदी सरकार 3.0 में रामनाथ ठाकुर भी केंद्रीय मंत्री बनने जा रहे हैं। आइए जानते हैं उनके राजनीतिक सफर के बारे में। 

रामनाथ ठाकुर के पिता कर्पूरी ठाकुर
साल 1950 में जन्में रामनाथ ठाकुर बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले हैं। वह नाई जाती से आते हैं। रामनाथ की पहचान उनके पिता के कारण भी है। वह कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं। वही कर्पूरी ठाकुर जिन्हें इस साल भारत सरकार ने भारत रत्न से सम्मानित किया था। इन्हें नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है। पिता कर्पूरी ठाकुर की तरह उनकी भी पिछड़ी जाती के लोगों के बीच अच्छी खासी पकड़ है। 

राजनीतिक जीवन
रामनाथ ठाकुर राजद और नीतीश दोनो की सरकारों के साथ कई महत्वपूर्ण राजनीतिक पदों पर आसीन रह चुके हैं। बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे इसके बाद लालू प्रसाद की सरकार में गन्ना उद्योग मंत्री भी रह चुके हैं। साल 2005 से लेकर 2010 तक नीतीश कुमार की कैबिनेट में तमाम विभागों को संभाल चुके हैं। इन विभागों में राजस्व और भूमि सुधार, कानून, सूचना और जनसंपर्क मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं। इसी के बाद से रामनाथ नीतीश कुमार की फेवरेट लिस्ट में शामिल हो गए हैं । अब इन्हें नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है। 

अति पिछड़ा वर्ग में अच्छी पकड़
पिता कर्पूरी ठाकुर की तरह इनकी भी बिहार के अति पिछड़ा वर्ग के बीच अच्छी -खासी पकड़ है। इससे हटकर उनका प्रभाव अन्य पिछड़ी जातियों पर भी देखा जा सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार के 2 फीसदी अति पिछड़ा वर्ग से जुड़े लोग किसी भी उम्मीदवार के खेल को बना-बिगाड़ सकते हैं। इसलिए मोदी सरकार भी उनके इस प्रभाव से वाकिफ थी।