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लगातार हो रही बारिश बनी आफत, तेजी से दादर, कुंडल से लेकर सिकंदरपुर और चंदवारा में जगह-जगह धंसे बांध

कार्यालय संवाददाता,मुजफ्फरपुरPublished By: Sneha Baluni
Fri, 18 Jun 2021 10:10 AM
लगातार हो रही बारिश बनी आफत, तेजी से दादर, कुंडल से लेकर सिकंदरपुर और चंदवारा में जगह-जगह धंसे बांध

मुजफ्फरपुर शहर से होकर गुजरने वाली बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। पानी बढ़ने की रफ्तार बरकरार रही तो नदी की पेटी में बसी बस्तियों में पानी घुसने लगेगा। इससे तबाही मच सकती है। इसके विपरीत शहर में कमजोर बांध के भरोसे आपदा से लड़ने की विभागीय तैयारी है।

तीन डेडलाइन समाप्त होने के बाद भी शहरी क्षेत्र से जुड़े बांध की मरम्मत नहीं हो सकी है। दादर, कुंडल से लेकर सिकंदरपुर और चंदवारा तक बांध जगह-जगह धंसकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। लगातार हो रही बारिश के बाद बांध की स्थिति और जर्जर होती जा रही है।

नदी का जलस्तर बढ़ने से बांध से सटे इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। विभागीय सुस्ती के कारण शहर पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जल्द से जल्द मरम्मत का काम नहीं हुआ तो मुश्किलें बढ़ती जाएंगी।

बता दें कि प्रशासनिक स्तर पर पहले 15 मई फिर 31 मई की डेडलाइन तय हुई थी, लेकिन काम नहीं हुआ। बाद में विभाग के कार्यपालक अभियंता ने 15 जून तक काम खत्म हो जाने का दावा किया। वह भी पूरा नहीं हुआ। अब बालू नहीं मिलने का बहाना बनाया जा रहा है।

इन जगहों पर बांध कमजोर 
सिकंदरपुर नाका से स्लुइस गेट होते हुए एसएसपी आवास तक बांध की सड़क पूरी तरह से जर्जर है। सड़क गड्ढ़े में तब्दील हो गई है। इस बीच चार जगहों पर सड़क के नीचे से मिट्टी धंस गई है। इस वजह से बांध खोखला हो चुका है। दादर स्लुइस गेट से सिकंदरपुर के बीच में 10 जगहों पर बड़े रेन कट है।

इसके अलावा आधा दर्जन जगहों पर मुख्य सड़क के नीचे से मिट्टी धंस चुकी है। बालूघाट से चंदवारा के बीच बांध पर बनी सड़क पर जगह-जगह गड्ढ़ों के कारण मुश्किलें बढ़ गई हैं। आठ जगहों पर रेन कट व मिट्टी धंसने से धीरे-धीरे स्थिति और खतरनाक होती जा रही है, लेकिन बांध की मरम्मत व बाढ़ से बचाव को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

बूढ़ी गंडक प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता विमल कुमार नीरज ने कहा, 'बांध मरम्मत का काम तीन दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। बालू नहीं मिलने के कारण काम प्रभावित हो रहा है, लेकिन काम शुरू हो चुका है। कुछ चिह्नित जगहों पर बालू से भरे बैग रखे गए हैं। रेन कट को भी दुरुस्त किया जा रहा है। बांध पर अतिक्रमण के कारण काम करने में परेशानी हो रही है।'

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