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22 फरवरी, 2020|5:56|IST

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हिन्दुस्तान पड़ताल: पटना के सोरंगपुर के लोगों ने छह महीने से नहीं पहने जूते

यह सुनकर आपको थोड़ा अजीब जरूर लगेगा, लेकिन हकीकत है कि बिहार की राजधानी पटना में एक इलाका ऐसा भी है, जहां के लोग पिछले छह माह से जूते पहनकर घर से नहीं निकले हैं। कारण है मामूली जलजमाव। लेकिन यह छोटी सी वजह सोरंगपुरवासियों के लिए नासूर बन गई है। जलजमाव के कारण यहां के 15 हजार लोगों का जीवन नारकीय हो गया है।   वसंत के मौसम में भी लोगों को बरसाती चप्पल पहनकर घर से बाहर निकलना पड़ रहा है। किसी परिवार को बाहर जाना होता है तो वह करीब एक किलोमीटर तक बरसाती चप्पल पहनकर एनएच-30 बाइपास पर आता है और फिर वहां से जूते या चमड़े का चप्पल पहनकर आगे जाता है। पटना के एनएच-30 बाइपास के दक्षिण में सोरंगपुर मोहल्ला है। यह नगर निगम के वार्ड 30 और 31 में आता है। यहां के लोग संबंधित विधायक, वार्ड पार्षद, नगर निगम के अधिकारियों से दर्जनों बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या बरकरार है। 

नाला नहीं तो टैक्स नहीं
सोरंगपुर मुख्य सड़क, बाजार, सभी जगह जलजमाव है। कई माह से जलनिकासी के लिए दो नालों के निर्माण की मांग लोग कर रहे हैं पर कोई सुनने वाला नहीं है। यहां सोरंगपुर प्राथमिक विद्यालय है। इस स्कूल में कभी 150 बच्चे पढ़ते थे। अब जलजमाव से यहां मात्र 10 से 15 बच्चे ही रह गए हैं। निगम के कर्मचारी होल्डिंग टैक्स वसूलने आये थे, जिन्हें लोगों ने भगा दिया। लोगों का कहना है कि जब तक नाले का निर्माण नहीं होता टैक्स नहीं देंगे। 

सोरंगपुर में जाती हूं पर लोगों को पता नहीं चल पाता है। जलजमाव की समस्या है। अभी निगम के सफाई कर्मियों की हड़ताल थी। मेयर से बात कर परेशानी दूर की जाएगी।    -कावेरी सिंह, पार्षद, वार्ड-30
जब तक बादशाही पइन नाला नहीं बनेगा, समस्या दूर नहीं होगी। वार्ड 30 में समस्या ज्यादा है। समस्या को नगर विकास विभाग ही दूर कर सकता है।
-रानी सिन्हा, पार्षद, वार्ड-31

एलपी शाही से मदर टेरेसा रोड तक नाले का निर्माण और प्राथमिक विद्यालय के पास दो नये नाले बनाने होंगे। वार्ड-30 के तहत एक पानी निकालने वाली फीटरे मशीन सोरंगपुर देवी मंदिर के पास सिर्फ दिखावे के लिए लगायी गयी है। छह महीने से नर्क में जी रहे हैं। 
-मनोज कुमार यादव, सोरंगपुर

बच्चों को स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। घर से जूता पहनकर बाहर निकलना नसीब नहीं हो रहा है। आए दिन बाइक से या साइकिल से पानी में लोग गिरते हैं। 
-संजय कुमार, सोरंगपुर

अब भी बरसाती चप्पल पहनकर लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। पीने के पानी में अब तो बदबू आने लगी है। घर का पानी बाहर निकल ही नहीं रहा है। सबसे अधिक महिलाओं को दिक्कत हो रही है।
-अशोक कुमार, सोरंगपुर

घरों में घुसने लगा है पानी
सोरंगपुर के मनोज कुमार ने कहा, देख लीजिए यही है स्मार्ट पटना की हकीकत। सड़क पर बह रहा सीवर का पानी अब घरों में घुसने लगा है। लोग चर्मरोग के शिकार होने लगे हैं। पिछले छह महीने से पार्षद यहां की हालत देखने तक नहीं आए हैं। पानी निकालने को फीटर मशीन लगी है पर वह भी 10 दिन पर एक घंटे चलती है। 

मुख्य दरवाजे के आगे ही गंदा पानी जमा है। बच्चों को गोद में उठाकर बाहर ले जाना पड़ता है। गंदगी इतना है कि दरवाजा बंद करना पड़ता है। जलजमाव से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। अफसर केवल टैक्स लेने के लिए पहुंच जाते हैं।
-सुनीता देवी, सोरंगपुर 

महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक परेशान हैं। डर बना रहता है कि कहीं वे दुर्घटना के शिकार नहीं हो जाएं। घर के आगे गंदगी का अंबार है। मुख्य बाजार में लोग आना नहीं चाहते हैं। यहां के दुकानदारों की हालत ज्यादा खराब हो गई है। 
-भोला, सोरंगपुर

घर से निकलकर कहां जाएं। सरकार खाली वोट लेती है। हम सब मर रहे हैं कोई देखने वाला नहीं है। दो बार गिर गए हैं। अभी से तो अच्छा बरसात था। पानी निकल जाता था। दिन भर घर में कैद रहना पड़ता है। 
-उषा देवी, सोरंगपुर

बुजुर्ग हूं। अकेले घर से निकलना मुश्किल हो गया है। पानी में निकलने पर घर वाले मना करते हैं। पड़ोसियों के घर गए कई दिन हो गए हैं। पानी की निकासी कब होगी कोई बताने वाला नहीं है।
-सुदामो देवी, सोरंगपुर

किराना दुकान है। लोग सामान खरीदने इसलिए नहीं आते थे क्योंकि दुकान के आगे दो फुट पानी है। अपना पैसा खर्च करके ईंट-पत्थर भरकर        आने-जाने का रास्ता बनाई हूं। अब कुछ खरीदार   आने लगे हैं। 
-मंजू देवी, दुकानदार 

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  • Web Title:water logging in Patna Patna Sorangpur People have not worn shoes for six months