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मौत की छटपटाहट कैसी होती है, ये देखने तीन नाबालिगों ने कर दी एक हत्या, यू-ट्यूब देखकर बनाया प्लान

मधुबनी में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जब तीन नाबालिग छात्रों ने मरने वाले की तड़पड़ाहट देखने के लिए ड्राइवर की हत्या कर दी। घटना को अजांम देने ने लिए इंटरनेट पर वीडियो देखा था।

मौत की छटपटाहट कैसी होती है, ये देखने तीन नाबालिगों ने कर दी एक हत्या, यू-ट्यूब देखकर बनाया प्लान
Sandeepहिन्दुस्तान,मधुबनीFri, 16 Feb 2024 01:41 PM
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तीन स्कूली छात्रों ने सोशल मीडिया पर हत्या का तरीका देखा और मरने वाले की छटपटाहट देखने के लिए एक अनजान इंसान को बर्बरता से मार डाला। हैरान कर देने वाली यह घटना मधुबनी के झंझारपुर में सामने आई है। 14 से 16 वर्ष के इन लड़कों ने बहन की विदाई के बहाने किराए पर गाड़ी ली और सुनसान जगह ले जाकर कथना गांव निवासी चालक देवेन्द्र उर्फ देबू की हत्या कर दी। इसके बाद शव फेंक दिया। बुधवार सुबह शव मिला। गाड़ी बेचने के इरादे से छिपा दी। तीनों आरोपित बाल सुधार गृह भेजे गए हैं।

एसडीपीओ अशोक कुमार ने बताया कि राजनगर निवासी आरोपित 8वीं, 9वीं व 11वीं के छात्र हैं। तीनों ने बताया कि सोशल मीडिया पर हत्या का तरीके देख उन्हें वारदात की सूझी। 16 की उम्र वाले लड़के ने बहन की विदाई के लिए स्कॉर्पियो किराये पर ली। पाही कट पर पेशाब के बहाने गाड़ी रुकवाई। दोबारा गाड़ी पर चढ़ते ही एक ने चालक के गले में रस्सी फंसा दी और दूसरे ने गले में लोहे की कील घोंप दी। रस्सी को दो तब तक कसते रहे जब तक चालक मर नहीं गया।

स्कॉर्पियो चालक देवेंद्र की हत्या करने के बाद तीनों नाबालिग आरोपित बेफिक्र थे। उन्हें कोई घबराहट नहीं हुई। लाश फेंकने के बाद ड्राइवर की जेब से मिले 272 रुपए से कोइलख चौक पर चिप्स और पानी की बोतल खरीदी और खाते-पीते आगे बढ़े। चालक की लाश फेंकने के बाद वहां से 30 किमी दूर राजनगर के अलीचक बसबिट्टी गांव में गाड़ी छिपा दी। 16 वर्षीय आरोपित ने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया में देखे वीडियो में हत्यारे ने गाड़ी को कहीं बाहर छिपाया था, जिससे वह पकड़ा गया था। इसीलिए उन्होंने गाड़ी अपने गांव में ही रखी। सुबह गाड़ी को पटना ले जाने की योजना थी लेकिन रात में ही लावारिस गाड़ी होने की सूचना पुलिस को मिल गई।

चालक को तड़पता देख मजा आ रहा था 

एसडीपीओ अशोक कुमार ने बताया कि तीनों नाबालिग ने पूछताछ में बताया कि घटना को अंजाम देते समय उन्हें मजा आ रहा था। उन्होंने गाड़ी की खिड़की का कांच बंद कर लिया था। अंदर ड्राइवर को तड़पता देख रहे थे। एसडीपीओ ने बताया कि पकड़े जाने के बाद भी तीनों के चेहरे पर कोई डर नहीं था।

खुद बनाई थी रस्सी, रामपट्टी बाजार से खरीदी थी कील

नाबालिगों ने चालक की हत्या में रस्सी और लोहे की कील का इस्तेमाल किया। उन्होंने पुलिस को बताया कि कील रामपट्टी बाजार की एक दुकान से खरीदी थी। एक चाकू भी लिया था। एक दिन पहले घर पर ही पुराने कपड़ों को लपेटकर रस्सी बनाई थी।

ड्राइवर की हत्या के बाद उसके शव को सीट के बगल में रखकर 16 वर्षीय किशोर ने गाड़ी चलाई। भैरवस्थान थाना के नरूआर ओवरब्रिज पहुंचने पर सुनसान जगह देख शव को फेंक दिया। गाड़ी को राजनगर थाना के अलीचक गांव के एक बसबट्टी (बांस का जंगल) में लगा दिया। एसडीपीओ ने बताया कि लड़के गाड़ी बेचना चाहते थे। इन नाबालिगों की ड्राइवर से कोई दुश्मनी नहीं थी।

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