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वायरल वीडियो ने बढ़ाई केके पाठक की मुश्किलें, मुजफ्फरपुर में परिवाद दर्ज, 4 मार्च को सुनवाई

परिवाद में आरोप है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपर मुख्य सचिव ने बयान दिया था। उसी क्रम में शिक्षकों को प्रताड़ित करने व उनकी प्रतिष्ठा हनन करने के उद्देश्य से अपशब्द का इस्तेमाल किया।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई केके पाठक की मुश्किलें, मुजफ्फरपुर में परिवाद दर्ज, 4 मार्च को सुनवाई
Malay Ojhaहिन्दुस्तान,मुजफ्फरपुरThu, 22 Feb 2024 10:12 PM
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शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक पर गुरुवार को मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर कराया गया है। अहियापुर थाना के छीट भगवतीपुर निवासी अधिवक्ता विनोद कुमार की ओर से कराए गए परिवाद पर चार मार्च को सुनवाई होगी। परिवाद में आरोप है कि 21 फरवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपर मुख्य सचिव ने बयान दिया था, जिसमें बिहार के सभी शिक्षकों को सवा नौ बजे से स्कूल खोलने का आदेश दिया। उसी क्रम में शिक्षकों को प्रताड़ित करने व उनकी प्रतिष्ठा हनन करने के उद्देश्य से अपशब्द का इस्तेमाल किया गया। अधिवक्ता का कहना है कि बिहार के सभी शिक्षकों एवं मेरी पत्नी, जो शिक्षिका है, उस कारण मेरी भावनाओं को ठेस पहुंची है।

वहीं दूसरी ओर बिहार विधानसभा में गुरुवार को भी विपक्ष ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक और पूर्व शक्षिा मंत्री प्रोफेसर चन्द्रशेखर ने अपने मोबाइल पर एक वीडियो क्लिप दिखाना शुरू कर दिया और कहा कि केके पाठक ने विधायकों और शिक्षकों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया है। केके पाठक के खिलाफ कार्रवाई की मांग के समर्थन में राजद के भाई वीरेंद्र समेत अन्य सदस्य भी अपनी सीट से खड़े होकर जोर-जोर से एक साथ बोलने लगे।

कुछ देर बाद संसदीय कार्य और शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी विपक्षी सदस्यों के उठाए जा रहे सवाल पर सरकार का पक्ष बताने के लिए खड़े हुए तब सभाध्यक्ष ने हंगामा कर रहे सदस्यों से पहले अपनी सीट पर जाने का अनुरोध किया। विजय कुमार चौधरी ने कहा कि स्कूल के समय के संबंध में सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बुधवार को की गई घोषणा को लागू किया जाएगा और यदि कुछ जिलों में जिलास्तर के पदाधिकारी ने इसके विपरीत कोई आदेश दिया है तो सरकार उसे जरूर देखेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सदन में जो घोषणा है उसका अनुपालन सरकार सुनश्चिति करेगी।

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