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Hindi News बिहारवीआईपी नंबर बना जी का जंजाल, टेलीकॉम कंपनियां कर रहीं मोटी कमाई, ग्राहकों की आफत आई

वीआईपी नंबर बना जी का जंजाल, टेलीकॉम कंपनियां कर रहीं मोटी कमाई, ग्राहकों की आफत आई

वीआईपी मोबाइल नंबर लोग शौक से खरीदते हैं, लेकिन उन्हें अक्सर अनजाने फोन कॉल्स से होने वाली चुनौतियों से जूझना पड़ता है। बीमारी, एक्सीडेंट, मौत जैसी खबरें अक्सर लोगों की रातों की नींद हराम कर देती है।

वीआईपी नंबर बना जी का जंजाल, टेलीकॉम कंपनियां कर रहीं मोटी कमाई, ग्राहकों की आफत आई
Ratan Guptaकेके गौरव, हिन्दुस्तान,भागलपुरTue, 25 Jun 2024 10:37 AM
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बिहार के भागलपुर में पहले ज्यादा पैसे देकर लोगों ने वीआईपी फोन नंबर खरीदा, लेकिन अब उन्हें तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल वीआईपी नंबर को लोग ले तो लेते हैं, लेकिन एक लंबे समय तक रिचार्ज न कराने पर वो बंद हो जाता है और उसको किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिया जाता है। बस असली समस्या यहीं से शुरू होती है। 

कंपनी तो उस नंबर को दूसरे ग्राहक को आवंटित( वैध तरीके से दे देना) कर देती हैं, लेकिन पहले वाले ग्राहक के रिश्ते-नातेदार उस नंबर को फिर भी याद रखते हैं। बस यहीं से सिर दर्दी शुरू होती है। फिर जब पुराने ग्राहक के जान पहचान वाले लोग नए कस्टमर को जाने-अनजाने अच्छी बुरी हर तरह की सूचना देने लगते हैं तब नया नंबर वाला ग्राहक परेशान हो जाता है। उसे समझ ही नहीं आता कि करे तो क्या करे। 

रात में अचानक फोन आ जाता है कि फलाने रिश्तेदार की तबियत खराब हो गई है या फिर कार एक्सीडेंट हो गया है। इससे लोग हक्के बक्के रह जाते हैं और उनकी रातों की नींद और दिन का चैन उड़ जाता है। मुकदमें की तारीख, बैंक की किश्त, परिजन बीमार, कार एक्सीडेंट जैसी तमाम तरह की खबरें आने पर अक्सर लोगों को बेचैनी हो जाती है। 

बिहार के तिलकामांझी के रहने वाले मनोहर कुमार वत्स बताते हैं कि उनका एक पिछला मोबाइल नंबर बीते एक साल से बंद था, लेकिन इसी बीच उनका नंबर झारखंड के गिरिडीह के किसी डॉक्टर को आवंटित कर दिया गया। एक रोज उनके एक रिश्तेदार ने उसी नंबर पर फोन लगाया तो पता चला कि वो अस्पताल में भर्ती हैं। फिर क्या उनके वे रिश्तेदार सुबह पांच बजे उनके घर आ पहुंचे। बाद में मुझे कुशल देख वे प्रसन्न भी हुए और चिंतित भी कि आखिर ये किस तरह की अनोखी समस्या है। 

एक निजी मोबाइल कंपनी के इंजीनियर ने बताया कि लंबे समय तक मोबाइल रिचार्ज न कराने पर ऐसा कर दिया जाता है। हालांकि ऐसा पहले नहीं होता था। कुछ लोग अक्सर एक विशेष नंबर सीरीज की मांग करते हैं। कोई भौकाल दिखाने के लिए तो कोई ज्योतिष की सलाह पर कोी प्यार में तो कोई प्रचार में इस तरह के नंबर खरीदता है। कुछ भी हो इससे फायदा तो टेलीकॉम कंपनियों का ही होता है।