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खगड़िया: बाढ़ के कारण अब घर छोड़ने को मजबूर हुए ग्रामीण

Flood in Bihar

गंगा व बूढी़ गंडक के जलस्तर में हो रहे लगातार वृद्धि से बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे पीड़ितों का अब सब्र टूटने लगा है। जिनके घर में एक हफ्ते से उपर से पानी है और वह पानी नहीं घटते देख वे ऊंचे स्थान पर शरण लेने के लिए निकल रहे है।

रामपुर, बन्नी एवं बोरना के दर्जनभर से अधिक परिवार बुधवार को अपने घरो से निकलकर जीएन बांध पर शरण ले लिये है। गोगरी अनुमंडल के परवत्ता प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाके का कमीश्नर पंकज पाल, जिलाधिकारी अनिरूद्ध कुमार सहित अन्य अधिकारियो  के साथ बाढ़ का जायजा लिया। गोगरी के बाढ़ प्रभावित बोरना बाढ़ व भूकम्प के कारण पंचन रजक का दीवार गिर गया। प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ प्रभावित  बोरना मे तीन नाव, बन्नी में पांच नाव, गोगरी में दो नाव एवं शारदा नगर में एक नाव चलाने की बात कही। वही बाढ़ से विस्थापित शारदानगर के 55 महादलित परिवार के बीच सीओ कुमार रवीन्द्रनाथ द्वारा पालीथीन सीट का भी वितरण किये जाने की बात कही। बाढ़ को लेकर धीरे धीरे बाढ़ प्रभावित ईलाके की स्थिति और भी चिन्ताजनक होती जा रही है।

बक्सर में बांध की सतह के करीब पहुंचा पानी
सोमवार सुबह से जलस्तर में जारी वृद्धि देर रात से तेज हो गई। मंझरियां और उमरपुर के बीच बांध की सतह के करीब पानी पहुंच गया है। गंगा की विकराल स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया।

केंद्रीय जल आयोग के कनीय अभियंता कन्हैया कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह तीन बजे से जलस्तर बढऩे की रफ्तार तीन सेमी प्रति घंटा है। ये सुबह 6 बजे से पुन: घटकर एक सेमी हो गई। बक्सर में अपराह्न तीन बजे 59.81 मीटर है। यहां खतरे का निशान 60.32 मीटर है। यहां बनारपुर के दर्जनों घरों में पानी समा गया था।

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  • Web Title:villagers are now leaving their home due to flood in Khagaria bihar