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3 अप्रैल, 2020|1:29|IST

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ई-लर्निंग से लॉकडाउन के समय का सदुपयोग करें छात्र और शिक्षक

लॉकडाउन और सामाजिक दूरी के मद्दनेजर सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। इस स्थिति में शिक्षक और विद्यार्थी सब अपने-अपने घरों में बंद हैं। हालांकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे ई-लर्निंग के माध्यम से इस समय का सदुपयोग करें।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसके लिए इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी इनीशिएटिव (आईटीसी) के तहत कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की सूची जारी की है जिसके माध्यम से विद्यार्थी इस समय को कीमती बना सकते हैं। मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे कई डिजिटल प्लेटफॉर्म हैं, जिनका इस्तेमाल कर शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी और शैक्षणिक संस्थान से जुड़े महत्वपूर्ण कर्मी इस समय को उत्पादक बना सकते हैं। इससे पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीशन जैन ने बताया कि लॉकडाउन के समय में शिक्षक और छात्र ऑनलाइन कोर्सेज कर सकते हैं, जो कई ऑनलाइन प्लेटफार्म पर मौजूद है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पहले से मौजूद हैं। 

एनबीटी की 115 किताबें मुफ्त  में डाउनलोड 
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) ने नई मुहिम शुरू की है। इस मुहिम के तहत एनबीटी अपनी र्चुंनदा पुस्तकों को मुफ्त में डाउनलोड करने की सुविधा दे रहा है। लॉकडाउन के दौरान लोग अपने घरों में रहें, इसके लिए एनबीटी की ओर से ‘स्टे होम इंडिया विथ बुक्स’ नाम से अभियान की शुरुआत की गई है। इस क्रम में लोगों को र्चुंनदा किताबों का पीडीएफ मुफ्त में डाउनलोड करने की सुविधा दी जा रही है। 

एनबीटी के एक अधिकारी ने बताया कि एनबीटी की वेबसाइट  https://nbtindia.gov.in पर जाकर इन किताबों को डाउनलोड किया जा सकता है। फिलहाल यहां पर 115 किताबें मौजूद हैं। जबकि, अगले एक-दो दिनों में यहां पर सौ के लगभग किताबें और उपलब्ध कराई जाएंगी। एनबीटी द्वारा खासतौर पर बच्चों को पसंद आने वाली किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं। क्योंकि, इतने लंबे समय तक चलने वाले लॉकडाउन के दौरान बच्चे बोरियत महसूस करते हैं और चिड़चिड़े होने लगते हैं। ऐसे में इन किताबों के जरिए उन्हें मनोरंजन और सीख दोनों ही हासिल होगी। 

स्वयम ऑनलाइन पोर्टल
स्वयम एक ऐसा पोर्टल है जिसपर कोई भी ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध सामग्री को देख सकता है और उससे विपुल जानकारी हासिल कर सकता है। सबसे खास बात यह है कि इस पर कोई सामग्री देखने या डाउनलोड करने के लिए पंजीकरण की भी जरूरत नहीं पड़ती। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस पोर्टल को इस उद्देश्य से बनाया था कि सुदूर गांव में रहने वाले लोग हो या शहर में कोई भी डिजटिल पहुंच से दूर नहीं रहे। इस पर कई ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध हैं। 
वेबसाइट https://swayam.gov.in/

यूजी/पीजी मूक्स 
यह भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा बनाया गया पोर्टल है। यह स्वयम पोर्टल को स्नातक और स्नातकोत्तर (गैर-तकनीकी) कोर्सों की डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराता है। इस पोर्टल से स्नातक और स्नातकोत्तर के कई कोर्स की डिजिटल सामग्री उपलब्ध है। इस पोर्टल पर यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त कई कोर्स मिल जाएंगे।
वेबसाइट :  ugcmoocs.inflibnet.ac.in 

स्वयमप्रभा
स्वयमप्रभाव डीटीएच चैनल है जो फ्री टू एयर है। इसपर 32 चैनल हैं। इसपर 24 घंटे पाठ्यक्रम से संबंधित उच्च गुणवत्तापूर्ण डिजिटल पाठ्यसामग्री का प्रसारण किया जाता है।  
वेबसाइट : swayamprabha.gov.in/ 

ई-पीजी पाठशाला 
इस पोर्टल पर 87 स्नातक पाठ्यक्रमों के ई-कंटेट उपलब्ध है जिसमें 24110 ई-कंटेट मॉड्यूल हैं। इस पोर्टल का निर्माण आईसीटी के माध्यम से सबको शिक्षा पहुंचाने के राष्ट्रीय मिशन के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने किया है। ई-पाठशाला पोर्टल पर कला, सामाजिक विज्ञान, मानविकी, गणित और विज्ञान विषय के 70 कोर्सों के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण और पाठ्यक्रम के हिसाब से सटीक ई-कंटेट दिए गए हैं। 
वेबसाइट : epgp.inflibnet.ac.in/ 

सीईसी-यूजीसी यूट्यूब चैनल 
यह असीमित पाठ्यसामग्री को ऑनलाइन उपलब्ध कराता है। यह यूजीसी का कंर्सोिटयम ऑफ एजुकेशनल कम्युनिकेशन है जिसे सीईसी कहते हैं। इसे अंतर विश्वविद्यालय केंद्र के तौर पर विकसित किया गया है। यह उच्च शिक्षा के लिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराता है। 
वेबसाइट CEC-UGC YouTube channel

पटना के कई शैक्षणिक संस्थान भी ले रहे हैं ऑनलाइन माध्यम का सहारा
लॉकडाउन के बाद पटना के कई शिक्षण संस्थानों ने ऑनलाइन कक्षाएंआयोजित करने का फैसला लिया है। इनमें विकास प्रबंधन संस्थान (डीएमआई), निफ्ट, बीडी कॉलेज प्रमुख हैं। डीएमआई के निदेशक डॉ हेमनाथ राव के मुताबिक कक्षाएं हो रही हैें।  सीनियर बैच की क्लास खत्म भी हो गई। अब जूनियर बैच की क्लास शुरू हुई है। इसी निफ्ट के मीडिया प्रभारी ऋषिकेश कुमार ने बताया कि उनके यहां भी ऑनलाइन क्लास चल रही हैें। इसी तरह आईआईटी ने भी ऑनलाइन क्लास शुरू करने की पहल की हैे। बीडी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार ने बताया कि एमबीए के शिक्षक अपने लेक्चर को कॉलेज की वेबसाइट पर अपलोड कर रहे हैं। विद्यार्थी इसका फायदा उठा रहे हैं। इधर कुछ निजी संस्थान भी विद्यार्थियों को इंटरनेट के माध्यम से कक्षाएं दे रहे हैं। अदिति गुरुकुल के डॉ एम रहमान ने बताया कि वह दारोगा अभ्यर्थियों को इंटरनेट के सहारे पढ़ा रहे हैें। उन्होंने कहा कि यू ट्यूब पर लेक्चर अपलोड कर देता हूं। इसे विद्यार्थी सुन लेते हैें। इसके अलावा फेसबुक के जरिये भी पढ़ा रहा हूं। मेंटर्स एडुसर्व के निदेशक आनंद जायसवाल ने बताया कि वे लोग भी ऑनलाइन ही पढ़ा रहे हैं। 

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  • Web Title:Utilize lockdown time with e learning Students and teachers