ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News बिहारउपेंद्र कुशवाहा ने केके पाठक को बताया सनकी अफसर, बोले- गाली देकर कैसे सुधार होगा

उपेंद्र कुशवाहा ने केके पाठक को बताया सनकी अफसर, बोले- गाली देकर कैसे सुधार होगा

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने केके पाठक को सनकी अफसर करार दिया है। उन्होंने केके पाठक के गाली वाले कथित वीडियो पर निशाना साधते हुए यह बात कही।

उपेंद्र कुशवाहा ने केके पाठक को बताया सनकी अफसर, बोले- गाली देकर कैसे सुधार होगा
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,जहानाबादFri, 23 Feb 2024 09:05 PM
ऐप पर पढ़ें

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (पूर्व राष्ट्रीय लोक जनता दल) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को सनकी अफसर बताया है। कुशवाहा ने केके पाठक के कथित गाली वाले वायरल वीडियो पर टिप्पणी करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को गाली देकर एवं अपमानित कर शिक्षा में सुधार की बात कहीं से जायज नहीं ठहराया जा सकता। जहानाबाद के गांधी मैदान में आयोजित पार्टी की रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने शुक्रवार को यह बयान दिया।

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अगर 2015 में नीतीश कुमार राजद को साथ नहीं लेते तो आज राजद का कोई नाम लेने वाला नहीं रहता। नीतीश कुमार के दिए कोरामिन से ही राजद जिंदा है। उन्होंने राजद व इंडिया गठबंधन पर जमकर हमला बोला और कहा कि लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन का बिहार में खाता नहीं खुलेगा। 

कुशवाहा ने यह भी कहा कि जब नीतीश कुमार महागठबंधन में शामिल हो रहे थे तो उन्होंने इसका विरोध किया था। जब नीतीश कुमार ने उनकी नहीं सुनी तो उन्हें अलग होकर नई पार्टी बनानी पड़ी। लेकिन देर ही सही नीतीश कुमार ने उनकी बातों पर सहमती जताते हुए एनडीए गठबंधन में वापसी की। उन्होंने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का चहुंमुखी विकास हो रहा है। उनके सामने कोई भी नेता आज देश में नहीं ठहर सकता है। 

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि व्यापक देशहित में नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए सभी लोग एकजुट होकर एनडीए गठबंधन के प्रत्याशी को वोट दें। उनके नेतृत्व में देश विकास की ओर बढ़ रहा है। एनडीए के हाथों में ही देश सुरक्षित है।

कुशवाहा ने कहा कि सीटों को लेकर एनडीए में कोई विवाद नहीं होगा। सीटों का फैसला एनडीए के सभी घटक दलों का साझा निर्णय से तय होगा। लेकिन तैयारी सभी सीटों के लिए करनी होगी ताकि घटक दलों को भी जीताने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सके। उन्होंने बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पर भी निशाना साधा और कहा कि केके पाठक सनकी अधिकारी हैं।

उन्होंने मंच से सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े न्यायालयों के जजों की नियुक्ति में पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। जब एक चपरासी की बहाली में भी कंपीटीशन व मान्य प्रक्रियाओं की जरूरत होती है तो जजों की नियुक्ति में ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है। इस मौके पर पूर्व सांसद मोनाजिर हसन, राम पुकार कुशवाहा, अजय कुशवाहा, पप्पु कुशवाहा, सुभाष चन्द्रवंशी, पैक्स अध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें