DA Image
हिंदी न्यूज़ › बिहार › अनलॉक-4: गाइडलाइन्स के साथ आज से बिहार में इन क्षेत्रों में मिलेंगी कई और भी रियायतें
बिहार

अनलॉक-4: गाइडलाइन्स के साथ आज से बिहार में इन क्षेत्रों में मिलेंगी कई और भी रियायतें

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो Published By: Sunil Abhimanyu
Mon, 21 Sep 2020 07:41 AM
अनलॉक-4: गाइडलाइन्स के साथ आज से बिहार में इन क्षेत्रों में मिलेंगी कई और भी रियायतें

बिहार में अनलॉक-4 में सोमवार से लोगों को कई और रियायतें मिलेंगी। केन्द्र सरकार द्वारा 29 अगस्त को जारी अनलॉक-4 के दिशा-निर्देशों के तहत 21 सितम्बर से धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक, खेल और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। हालांकि इसमें लोगों की संख्या सीमित रहेगी। केन्द्र द्वारा जारी अनलॉक के दिशा-निर्देशों को राज्य में हू-ब-हू लागू किया गया है। 

अनलॉक-4 में 21 सितम्बर से धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक, खेल और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। हालांकि इसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौजूदगी नहीं रहेगी। 20 सितम्बर तक इस तरह के आयोजनों पर रोक थी। वहीं शादी समारोह में 50 और अंतिम संस्कार में 20 लोगों को ही मौजूद होने की इजाजत दी गई थी। लेकिन, 21 सितम्बर से शादी समारोह और अंतिम संस्कार में 100 लोग तक शामिल हो सकते हैं।
 
अनलॉक-4 के दिशा-निर्देशों के तहत स्कूल-कॉलेज में नियमित क्लास पर रोक है। हालांकि 21 सितम्बर से ऑनलाइन क्लास के लिए शिक्षण संस्थानों को अपने 50 प्रतिशत शिक्षक और कर्मचारियों को बुलाने की इजाजत दी गई है। 9 वीं से 12 वीं तक के छात्र, पढ़ाई के सिलसिले में शिक्षकों से स्कूल में मुलाकात कर सकते हैं, पर इसके लिए अभिभावक की इजाजत जरूरी होगी। 

कंटेनमेंट जोन में कोई छूट नहीं 
कंटेनमेंट जोन में पहले की तरह ही लॉकडाउन रहेगा। 30 सितम्बर तक कंटेनमेंट जोन में किसी तरह की कोई रियायत नहीं दी गई है। अनलॉक-4 के लिए गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश को राज्य सरकारें नहीं बदल सकतीं। गृह मंत्रालय के आदेश में साफ तौर पर लिखा है कि राज्य या केन्द्र शासित प्रदेश बगैर केन्द्र सरकार से सलाह के कंटेनमेंट जोन के बाहर कोई नई पाबंदी नहीं लगा सकते। अनलॉक-3 के दौरान राज्य सरकारों को अतिरिक्त पाबंदी लगाने की छूट दी गई थी। अब इसके लिए केन्द्र की इजाजत लेनी होगी।  
 

इस आर्टिकल को शेयर करें
लाइव हिन्दुस्तान टेलीग्राम पर सब्सक्राइब कर सकते हैं।आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं? हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

सब्सक्राइब
अपडेट रहें हिंदुस्तान ऐप के साथ ऐप डाउनलोड करें

संबंधित खबरें