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जनसंख्या नियंत्रण पर केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान से फिर सियासी बवंडर

केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के ताजा बयान से फिर सियासी बवंडर उठ खड़ा हुआ है। जनसंख्या नियंत्रण को लेकर गुरुवार को दिया गया उनका बयान एकबार फिर चर्चा में है। विश्व जनसंख्या दिवस पर उनके ट्वीट को लेकर राजनीतिक दलों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। 

केन्द्रीय मंत्री ने ट्वीट कर कहा है कि हिंदुस्तान में जनसंख्या विस्फोट अर्थव्यवस्था, सामाजिक समरसता और संसाधन का संतुलन बिगाड़ रहा है। जनसंख्या नियंत्रण पर धार्मिक व्यवधान भी एक कारण है। हिंदुस्तान 47 की तर्ज पर सांस्कृतिक विभाजन की ओर बढ़ रहा है। सभी राजनीतिक दलों को साथ हो जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के लिए आगे आना होगा।

उनके बयान पर राजद के चितरंजन गगन ने कहा है कि ऐसे नेताओं को मंत्री पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। जनसंख्या को लेकर उनका बयान सांप्रदायिक माहौल खराब करने का प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गिरिराज सिंह को बर्खास्त करना चाहिए। 

कांग्रेस विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि हिंदुओं की आबादी कम होने के लिए आरएसएस दोषी है। आरएसएस के नेता विवाह नहीं करते हैं। गिरिराज सिंह को उन्हें विवाह के लिए प्रेरित करना चाहिए। श्री मिश्र ने कहा कि भारतीय संविधान में दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति को मतदान से वंचित करने का प्रावधान नहीं है। ऐसी बात करने वाले वातावरण को विषाक्त बना रहे हैं।  

माले के राज्य सचिव कुणाल ने गिरिराज के बयान को विभाजनकारी व निदंनीय करार दिया है। कहा कि मंत्री का मकसद अल्पसंख्यकों के खिलाफ घृणा फैलाना है। जनसंख्या को विकास के संसाधन के रूप में देखना और इस्तेमाल करना चाहिए। भाजपा नेताओं को पड़ोसी देश चीन का उदाहरण लेना चाहिए, जिसने आबादी को संसाधन के रूप में इस्तेमाल कर विकास का शिखर छू लिया।  

जनसंख्या को जाति-धर्म से इंगित करना बेमानी : त्यागी
जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या को लेकर हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की चिंता किसी राष्ट्रवादी से कम नहीं है। इसको लेकर किसी जाति, धर्म को इंगित करना बेमानी है।  कहा कि नीतीश कुमार ने बढ़ती जनसंख्या पर कई मर्तबा अपनी चिंता व्यक्त की है। उनके नेतृत्व में बिहार में दर्जनों ऐसे प्रयास हुए जो जनसंख्या नियंत्रित करने में सहायक बने हैं। हमारा मानना है बढ़ती जनसंख्या पूरी दुनिया के लिए चुनौती है। खाद्यान्न की कमी भी इसका एक बड़ा प्रभाव बनकर आनेवाले दिनों में सामने आएगा। बिहार में जनसंख्या नियंत्रण के जो काम हुए हैं, उनमें साम्प्रदायिकता की बू नहीं है। जाति-धर्म का विद्वेष नहीं रखा गया।

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  • Web Title:Union Minister Girirajs singh controversial statement population control