DA Image
Saturday, December 4, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ बिहारराजद सरकार में हत्या की प्लानिंग एक अणे मार्ग में होती थी, सीएम नीतीश के निशाने पर लालू

राजद सरकार में हत्या की प्लानिंग एक अणे मार्ग में होती थी, सीएम नीतीश के निशाने पर लालू

पटना हिन्दुस्तान टीमMalay Ojha
Tue, 26 Oct 2021 08:56 PM
राजद सरकार में हत्या की प्लानिंग एक अणे मार्ग में होती थी, सीएम नीतीश के निशाने पर लालू

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके (राजद) शासन में विधि-व्यवस्था की इतनी खराब स्थिति थी कि डॉक्टर और व्यवसायी राज्य से पलायन करते थे। बड़ी संख्या में पलायन हुआ। आलम यह था कि हत्या की प्लानिंग एक अणे मार्ग में होती थी। वर्ष 2005 से हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो कानून का राज कायम करने के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में विकास के बड़े पैमाने पर कार्य हुए। हमने बिहार में सड़क व पुल-पुलियों का जाल बिछाया। 

मुख्यमंत्री मंगलवार को तारापुर और कुशेश्वरस्थान विधानसभा उपचुनाव में सभाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले 15 वर्षों में जो कार्य हुए हैं, वह किसी से छिपा हुआ नहीं है। हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क आदि को लेकर बेहतर कार्य करने का प्रयास किया है। बालिका शिक्षा को ध्यान में रखते हुए साइकिल, पोशाक राशि के साथ-साथ छात्रवृत्ति को बढ़ावा देते हुए गांव में स्कूल एवं समुचित शिक्षकों की व्यवस्था की है। महिलाओं के उत्थान के लिए जहां उन्हें पंचायती राज व्यवस्था में आरक्षण देकर आगे लाने का प्रयास किया गया है, वहीं जीविका के माध्यम से बेरोजगारी मिटाने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। हर घर नल का जल एवं गली-नाली पक्कीकरण प्राय: सभी वार्डों में कराया जा चुका है। 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि जिस तरह पूरे देश में कोरोना नियंत्रण के लिए प्रयास किये गये और टीकाकरण किया जा रहा है, वह अपने आप में एक मिसाल है। कहा कि बिहार ही एक ऐसा राज्य है, जहां कोरोना से मौत के बाद चार लाख की सहायता राशि दी जाती है। 

मिथिला को विकास के मानचित्र पर किया स्थापित

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजद-कांग्रेस के शासनकाल में मिथिला का केवल शोषण किया गया। जाति और धर्म के नाम पर यहां के विकास को अवरुद्ध कर दिया गया। हमने शासन में आते ही मिथिला को विकास के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित किया। मैथिली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया जो आज ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हो रही है। 

 

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें