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नीतीश कुमार के साथ 2-3 कैकयी, तेजस्वी यादवकी भाषा बोल प्रेशर पॉलिटिक्स खेल रहे जीतनराम मांझी?

नीतीश कुमार के आसपास एक नहीं बल्कि दो तीन कैकयी मौजूद हैं। उन दोनों-तीनों का एक ही काम है नीतीश कुमार को डायवर्ट करते रहना। सीएम कुछ करना चाहते हैं लेकिन कैकयी लोग कुछ और करवा देते हैं।

नीतीश कुमार के साथ 2-3 कैकयी, तेजस्वी यादवकी भाषा बोल प्रेशर पॉलिटिक्स खेल रहे जीतनराम मांझी?
Sudhir Kumarलाइव हिंदुस्तान,पटनाSun, 25 Feb 2024 05:58 PM
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नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में एनडीए की सरकार चल रही है जिसमें बीजपी के साथ जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा भी शामिल है। उनके पुत्र संतोष कुमार सुमन मंत्री भी हैं। इस बीच पूर्व सीएम मांझी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की भाषा दुहराकर बड़ी चाल चल दी है। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार के पास एक नहीं बल्कि दो- तीन कैकयी है। बिहार विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को दशरथ खुद को राम और बीजेपी को कैकयी बताया था।

पटना में अपनी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में संबोधित करते हुए जीतनराम मांझी ने कहा कि हम नीतीश कुमार की आलोचना नहीं करना चाहते। लेकिन कहना पड़ रहा है कि नीतीश कुमार के आसपास एक नहीं बल्कि दो तीन कैकयी मौजूद हैं। उन दोनों-तीनों का एक ही काम है नीतीश कुमार को डायवर्ट करते रहना। सीएम  कुछ करना चाहते हैं लेकिन कैकयी लोग कुछ और ही करवा देते हैं। इसलिए हम जो कहते हैं वह नहीं होता है।

जीतन राम मांझी ने इस मौके पर अपनी सरकार के दौरान हुए कार्यों का भी जिक्र किया।  उन्होंने कहा कि हमने कहा था कि महिला को गरीब वर्ग में शामिल किया जाए। उन्होंने मैथिली शरण गुप्त की एक कविता का जिक्र करते हुए कहा कि हाय अबला जीवन  तुम्हारी यही कहानी, आंचल में दूध और आंखों में पानी।  आज संसार भर में महिला को ऊपर उठने की बात चल रही है।  नीतीश कुमार ने भी महिलाओं के लिए बहुत सारे काम किए हैं। उन्होंने पंचायत में आरक्षण दिलाया और बच्चियों को पढ़ने के लिए साइकिल दी।  लेकिन इसका लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। जब मैं मुख्यमंत्री था तो पहले क्लास से एमए तक की पढ़ाई लड़कियों के लिए फ्री कर दिया। यह कोई गलत डिसीजन नहीं था। आज बड़े घर की लड़कियां पैसा के बल पर पढ़ाई कर सर्टिफिकेट ले जाती हैं लेकिन गरीबों को या सुविधा नहीं मिलती। 

इससे पहले जीतनराम मांझी का एक और बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार को बिहार में शराबबंदी को खत्म करना चाहिए। कम से कम गुजरात के मॉडल पर परमिट के आधार पर सर आपकी आपूर्ति होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के 20 से 40 के बीच विधायक जीतकर आ गए शराब बंदी को रफा दफा कर देंगे।

दरअसल जीतन राम मांझी समय और मौका देखकर नीतीश कुमार की नीतियों का धीरे से जोरदार विरोध करते रहते हैं। नीतीश के मंत्रिमंडल में उनके बेटे मंत्री हैं। वह अपनी पार्टी के लिए दो मंत्री पत की मांग कई बार उठा चुके हैं। इसके लिए अनिल कुमार सिंह का नाम भी आगे करते रहे हैं। 
 

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