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बिहार में कचरे से बनेंगे ट्रॉली बैग, ब्रांडेड कंपनियों को टक्कर; समझें कीमत और खासियत

युवा उद्यमी ने बताया कि बाजार में बिक रहे ब्रांडेड कंपनियों की तुलना में भागलपुर में तैयार ट्रॉली बैग काफी सस्ता होगा। अगर किसी की कीमत तीन हजार रुपये बाजार में है। यहां बैग एक हजार तक में मिल जाएगी।

बिहार में कचरे से बनेंगे ट्रॉली बैग, ब्रांडेड कंपनियों को टक्कर; समझें कीमत और खासियत
Sudhir Kumarहिंदुस्तान,भागलपुरFri, 16 Feb 2024 03:55 PM
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बिहार के भागलपुर में अब कचरे से ट्रॉली बैग बनेगा। ब्रांडेड कंपनियों की तुलना में इसकी कीमत तीन गुना कम होगी। अप्रैल से बियाडा में कई तरह के ट्रॉली बैग बनने की संभावना है। स्टार्टअप पॉलिसी के तहत खरीक प्रखंड के तेलघी निवासी नंदीकेश ट्रॉली बैग की यूनिट बियाडा में स्थापित करेंगे। इसके लिए उन्हें जल्द ही एक करोड़ रुपये भी सरकार से मिलेगा। भागलपुर समेत आसपास के जिलों से कचरे की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए बात हो चुकी है। रॉ-मटेरियल के लिए सारी सुविधा अपने क्षेत्र में उपलब्ध हैं। रुपये मिलते ही मशीन व यूनिट सेटअप हो जायेगी। नंदीकेश ने बताया कि कचरा को गलाकर पहले दाना तैयार किया जायेगा। उसके बाद फाइबर की सीट बनेगी। यहां फिलहाल प्रतिदिन 200 से अधिक ट्रॉली बैग बनाए जाएंगे।

युवा उद्यमी ने बताया कि बाजार में बिक रहे ब्रांडेड कंपनियों की तुलना में भागलपुर में तैयार ट्रॉली बैग काफी सस्ता होगा। अगर किसी की कीमत तीन हजार रुपये बाजार में है तो यहां बैग एक हजार तक में मिल जाएगी। इसकी क्वालिटी भी काफी बेहतर होगी। उम्मीद है कि बाजार में ट्रॉली बैग ग्राहकों को खूब पसंद आयेगा। यह कई रंगों में उपलब्ध होगा।

ट्रॉली बैग की यूनिट खुलने के बाद यहां प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से दो सौ लोगों को रोजगार मिलेगा। उद्यमी ने बताया कि बैग उद्योग में यहां काफी संभावना है। कई प्रतिभाशाली युवक उनके संपर्क में हैं, जिन्हें यूनिट में रोजगार दिया जायेगा। उनको अच्छी सैलरी भी दी जाएगी। इसमें मार्केटिंग के लिए कई युवाओं को रखा जायेगा। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मनीष कुमार ने बताया कि नंदीकेश उभरता हुआ उद्यमी है। यूनिट जल्द लगे, इसकी कागजी प्रक्रिया चल रही है।

कागज और बैग की यूनिट भी चला रहा युवक

गरीबों के कारण कभी मुंबई में साधारण नौकरी करने वाले नंदीकेश आज कागज व लेदर की दो फैक्ट्रियां खोलकर 30 से अधिक युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। उनका सपना है कि दो साल के अंदर 100 लोगों को रोजगार मुहैया कराये। उन्होंने बताया कि सबसे पहले बिहपुर के बभनगाभा में कागज-कॉपी की फैक्ट्री खोली थी, उसके बाद बियाडा में लेदर बैग की फैक्ट्री खोली है। उनके इस कार्य को आगे बढ़ाने में उद्योग विभाग के अधिकारी सन्दीप पुण्डरीक, पंकज दीक्षित, तत्कालीन बियाडा के उपमहाप्रबंधक सौम्य वर्मा का काफी सहयोग मिला है।

एक हजार रुपये तक में मिल जाएगा ट्रॉली बैग

युवा उद्यमी ने बताया कि बाजार में बिक रहे ब्रांडेड कंपनियों की तुलना में भागलपुर में तैयार ट्रॉली बैग काफी सस्ता होगा। अगर किसी की कीमत तीन हजार रुपये बाजार में है तो यहां बैग एक हजार तक में मिल जाएगी। इसकी क्वालिटी भी काफी बेहतर होगी। उम्मीद है कि बाजार में ट्रॉली बैग ग्राहकों को खूब पसंद आयेगा। यह कई रंगों में उपलब्ध होगा। दिखने में आकर्षक होगा। इस वजह से यह काफी लोगों को पसंद आएगा।

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