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एनएच-31 पर आंधी-पानी से गिरा पेड़, 7 घंटे तक लगा रहा जाम, सबसे ज्यादा परेशान रहे बच्चे और महिलाएं

नगर संवाददाता,नवादाPublished By: Sneha Baluni
Thu, 05 Aug 2021 06:31 AM
एनएच-31 पर आंधी-पानी से गिरा पेड़, 7 घंटे तक लगा रहा जाम, सबसे ज्यादा परेशान रहे बच्चे और महिलाएं

पटना-रांची पथ एनएच-31 पर फरहा ग्राम के समीप बुधवार की अहले सुबह आंधी-पानी के कारण पेड़ गिर गया, जिससे एनएच-31 पर फरहा ग्राम के समीप भीषण जाम लग गया। बड़े पेड़ और उसकी डाल के सड़क पर ही गिर जाने के कारण आवागमन पूरी तरह से बंद हो कर रह गयी थी। सड़क अवरुद्ध होने के बाद सुबह 4 बजे से ही दोनों तरफ वाहनों की कतार लगने लगी और देखते ही देखते महाजाम का नजारा हो गया। 

बेहद मशक्कत से लगभग सात घंटे बाद 11 बजे के आसपास सड़क पर गिरे पेड़ को हटाने में सफलता मिली और आवागमन सुचारू हो सका। सबसे ज्यादा संकट कोलकाता समेत झारखंड से आने वाली बसों को हुई, जिसमें फंसी सवारियों की नींद ही हराम हो गयी। सुबह अच्छी नींद में सोए लोगों को फजीहत झेलने की नौबत आ गयी। महिलाओं और बच्चों पर सबसे ज्यादा संकट रहा। 

ट्रक समेत विभिन्न मालवाहक वाहन भी रात अथवा अहले सुबह सफर करते हैं, जिन्हें महाजाम में फंस कर काफी परेशानियां झेलनी पड़ी। अंतत: जाम की स्थिति से निजात पाने के लिए काफी कोशिशों के बाद आसपास के ग्रामीणों को जुटाया गया। इनके जुटने के बाद समीप में ही उपलब्ध जेसीबी बुलायी गयी। 

पेड़ को टुकड़ों में काट कर और खींच कर सड़क से हटाना शुरू किया गया। उनके साथ ही वाहन संचालकों ने भी मदद की और सड़क को जल्द से जल्द साफ करने में सहयोग किया। तब जा कर सात घंटे बाद आवागमन सुचारू हो सका। 

जाम खुलने में लगे घंटों

जाम हट जाने के बाद भी वाहनों को हटने में खासा वक्त लग गया। एक-दूसरे के पीछे सट कर खड़े वाहनों का काफिला देर तक निकलता रहा। इस कारण सड़क के दोनों लेन लंबे समय तक व्यस्त रहे। धीरे-धीरे रेंगते हुए महाजाम में फंसे वाहन निकलते रहे जबकि दोनों ही तरफ से आने-जाने वाले वाहनों के कारण भी परेशानी बनी रही। पूरी तरह से जाम खत्म होने तथा यातायात सहज होने में अतिरिक्त एक घंटे से ज्यादा लग गया। 

पटना और रांची जाने वाले लोग रहे परेशान

पटना से चल कर रांची और रांची से पटना जाने वाली सवारियों को इस महाजाम से भारी परेशानी रही। अपनी मंजिल के आधे रास्ते में पहुंच कर इस बाधा को झेलना उन्हें भारी पड़ रहा था। हजारीबाग और कोडरमा जाने वालों को और भी ज्यादा कष्ट हो रहा था। फरहा से महज एक से दो घंटे का सफल सात घंटे तक लटक जाने के कारण इन सवारियों के लिए और भी फजीहत भरी साबित हुई। 

हजारीबाग जा रहे ज्ञानचंद मेहता ने बताया कि नवादा तक पहुंच कर यह निरर्थक बाधा बेहद कष्टकारी रही। रांची की रवानगी कर रहे पटना निवासी सुजय कुमार ने बताया कि आज का काम नहीं हो पाएगा। काम करा कर लौटना भी था लेकिन अब रूकने की नौबत आ गयी है। ऐसी अनचाही बाधा के शिकार हुए बिहारशरीफ के रणजीत कुमार ने कहा कि टाटा के सफर पर निकला हूं। अब पता नहीं कितने बजे सफर पूरा हो पाएगा।

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