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लोकसभा चुनाव पर भारत-नेपाल बॉर्डर पर पैनी नजर, नो मेंस लैंड के लिए दोनों देशों ने किया यह फैसला

नो मैंस लैंड एरिया के कुछ जगहों पर जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अस्थाई चेक पोस्ट बनाए जाएंगे। लोकसभा चुनाव में किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हो इसको लेकर कई चरण में बैठक हो चुकी है।

लोकसभा चुनाव पर भारत-नेपाल बॉर्डर पर पैनी नजर, नो मेंस लैंड के लिए दोनों देशों ने किया यह फैसला
Sudhir Kumarहिंदुस्तान,पूर्णियाSat, 24 Feb 2024 02:42 PM
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लोकसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा बलों की तैयारी तेज हो गई है। चुनाव के पहले बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाएगी। इस मामले को लेकर डीआईजी विकास कुमार के द्वारा रिव्यू किया गया है। अररिया जिले के डीएम और एसपी के द्वारा सीमा सुरक्षा बल के वरीय अधिकारियों के साथ इस मामले को लेकर बैठक भी की गई है।

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों और नेपाल सेना के एपीएफ के अधिकारियों के साथ भी बैठक की गई है। नो मैंस लैंड एरिया के कुछ जगहों पर जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अस्थाई चेक पोस्ट भी बनाए जाएंगे। लोकसभा चुनाव में किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हो इसको लेकर कई चरण में बैठक हो चुकी है। किशनगंज ,अररिया , पूर्णिया और कटिहार जिले में डीआईजी के नेतृत्व में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर वर्चुअल मीटिंग भी हो चुकी है। नो मैंस एंड लैंड का एरिया तस्कर और अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना होता है। बताया जाता है कि चुनाव को लेकर जब काफी सघन रूप से जांच पड़ताल सीमाई इलाकों में की जाती है। शाम ढलने के बाद तस्कर और अपराधी नो मेंस लैंड एरिया का भरपूर फायदा उठाते हैं। इंडो और नेपाल के बीच दोस्ताना संबंध रहने की वजह से नो मेंस लैंड एरिया का खुला क्षेत्र है, जिसका फायदा तस्कर और अपराधी उठाते हैं। जिले के कई ऐसे थाना क्षेत्र है जिनकी सीमा दूसरे जिले से सटता है। इसका फायदा भी अपराधियों के द्वारा भरपूर उठाया जाता है। पिछले कई दशक से पूर्णिया जिले के बी कोठी और रघुवंश नगर ओपी क्षेत्र का कुछ

यह इलाका मधेपुरा जिला से सटता है। जिसका फायदा अपराधियों के द्वारा उठाया जाता है। चुनाव के समय भी ऐसे इलाकों में अपराध की घटना काफी बढ़ जाती है। इसके अलावा नवगछिया , भागलपुर, मधेपुरा , चौसा का इलाका भी जुड़ा रहने का फायदा अपराधियों के द्वारा उठाया जाता है। अक्सर मैदानी इलाकों में अपराध की घटना को अंजाम देकर अपराधी दियारा इलाका में शरण ले लेते हैं। वहीं दूसरी ओर कटिहार और पूर्णिया जिले के दियारा इलाका पर भी आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर स्थानीय प्रशासन के द्वारा विशेष निगाह रखी जाएगी। इस मामले को लेकर लगातार डीआईजी के नेतृत्व रिव्यू भी किया जा रहे हैं। मोहनपुर , टीकापट्टी रुपौली, मधेपुरा नवगछिया के इलाकों पर भी विशेष निगाह रखी जा रही है।

क्या कहते हैं पदाधिकारी

इंडो-नेपाल के सीमाई इलाकों में स्थित नो मेंस लेंड एरिया पर आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रिव्यू किए गए हैं। इस मामले में अररिया जिला के डीएम और एसपी ने सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ बैठक कर कई तरह के निर्णय लिए हैं। जरूरत पड़ने पर अस्थाई चेक पोस्ट भी बनाए जाएंगे। -विकास कुमार , डीआईजी

यहां-यहां होगी बैठक

पश्चिम बंगाल के सीमाई इलाकों के पड़ने वाले किशनगंज में, झारखंड के इलाकों में पड़ने वाले कटिहार में और नेपाल के एपीएफ और एसएसबी की टीम के द्वारा अररिया या सुपौल जिला में बैठक होगी। लोकसभा चुनाव को लेकर कई अन्य स्तर पर भी गुप्त सूचना इकट्ठा की जा रही है।

 

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