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बिहार की तीन लड़कियों ने मथुरा में ट्रेन के आगे कूदकर जान दी, मेहंदी और मोबाइल में उलझी मौत की गुत्थी

मुजफ्फरपुर की रहने वालीं तीन नाबालिग लड़कियों ने मथुरा में ट्रेन के आगे आकर आत्महत्या कर ली। वे कई दिनों से घर से लापता थीं। तीनों ने मरने से पहले अपने हाथों पर मेहंदी रचाई थी, जिसपर कुछ लिखा हुआ है।

बिहार की तीन लड़कियों ने मथुरा में ट्रेन के आगे कूदकर जान दी, मेहंदी और मोबाइल में उलझी मौत की गुत्थी
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,मुजफ्फरपुर मथुराWed, 29 May 2024 12:07 PM
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बिहार के मुजफ्फरपुर से लापता तीन किशोरियों ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में ट्रेन के आगे आकर एक साथ आत्महत्या कर ली। घटना 24 मई की है, तीनों शवों की परिजन ने पहचान कर ली है। मगर इस आत्महत्या केस की गुत्थी तीनों लड़कियों के हाथों में लगी ताजी मेहंदी और उनके गुम मोबाइल में उलझ गई है। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी अवधेश दीक्षित के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। 

मृत छात्राओं का नाम माया, गौरी और माही था। घर से निकलने के समय माया और माही के पास मोबाइल थे। मथुरा में रेलवे ट्रैक से शव के पास मोबाइल नहीं मिले, जबकि उनके बैग एवं अन्य सामान पास पाए गए। माही का मोबाइल कानपुर में बंद हुआ था, जबकि माया का मोबाइल मुजफ्फरपुर से निकलते समय ही बंद हो गया था। इस बीच, मंगलवार शाम शिनाख्त और पोस्टमार्टम के बाद तीनों का अंतिम संस्कार मथुरा में ही कर दिया गया।

मौत से पहले तीनों लड़कियों ने हाथों पर लगाई थी मेहंदी
तीसरी छात्रा माही के शव की पहचान मंगलवार को उसके पिता मनोज सहनी ने की। इससे पहले माया और गौरी के शव की पहचान तस्वीर से उनके परिजन कर चुके थे। छात्राओं ने हाथ में मेहंदी रचाई थी। माही के हाथ पर लॉर्ड एसवीजी और गौरी के हाथ पर लॉर्ड युवराज लिखा था। माया का हाथ घिसट गया था, इसलिए उस पर लिखावट स्पष्ट नहीं थी।

मथुरा में हिन्दुस्तान से बातचीत में गौरी की मां आशादेवी ने बताया कि बेटी घर से निकली थी तो उसके हाथ में मेहंदी नहीं लगी थी। मेहंदी का रंग बताता है कि मौत से एक-दो दिन पहले ही तीनों ने मेहंदी रचाई होगी। उन्होंने आशंका जताई कि तीनों ने मथुरा में ही मेहंदी लगाई होगी। 13 मई को घर से निकलने के बाद तीनों ने 24 मई को मथुरा में ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली थी। इस बीच वे 11 दिन कहां रही, इसकी जांच सीसीटीवी से की जाएगी। इसके लिए सभी जंक्शन का सीसीटीवी फुटेज खंगाला जाएगा।

उनके मोबाइल का लोकेशन भी खंगाला जा रहा है। नौंवी की छात्रा माया और आठवीं की गौरी योगियामठ मोहल्ले की थीं, जबकि 10वीं की छात्रा माही बालूघाट में नानी के घर रहती थी। वह वैशाली के लालगंज की निवासी थी। परिजन भी नहीं बता पा रहे कि उनकी बच्चियों ने मुजफ्फरपुर से मथुरा जाकर ट्रेन से कटकर जान क्यों दी। इन 11 दिन वे कहां रहीं और कैसे रहीं?

ड्राइवर बोला, आपस में हाथ पकड़े तीनों आईं ट्रेन के सामने
जिस मालगाड़ी से तीनों छात्राओं ने कटकर आत्महत्या की है, उसके पायलट शिव कुमार का पुलिस ने बयान लिया है। वह घटना का चश्मदीद गवाह भी है। शिव कुमार ने पुलिस को बताया है कि वह मथुरा-दिल्ली रूट पर ट्रेन ले जा रहा था तभी तीनों छात्राएं एक दूसरे का हाथ पकड़कर सामने आ गईं। ट्रेन करीब 90 मीटर की दूरी पर रही होगी। शिव कुमार ने ब्रेक लगाए, लेकिन ट्रेन वहां नहीं रुक सकी। तीनों ट्रेन से कट गईं। ट्रेन रुकी तो गार्ड ने उतरकर देखा। तीनों की मौत हो चुकी थी।

पत्र में लिखा था बाबा ने बुलाया केस दर्ज होते कर ली आत्महत्या
बीते 13 मई को गायब होने से पहले घर में माही और गौरी ने पत्र छोड़ा था। इसमें उसने लिखा था कि बाबा ने बुलाया है। बाबा की भक्ति के लिए वे हिमालय जा रही हैं। 13 अगस्त को लौटेंगी। इस बीच किसी ने उन्हें तलाशने का प्रयास किया तो आत्महत्या कर लेंगी। इसके बाद परिजन ने केस दर्ज कराया। 22 मई को केस दर्ज होने के बाद 24 मई को तीनों ने आत्महत्या कर ली। 

गौरी के पॉकेट से मथुरा में एक पत्र भी मिला है, जिसे ट्रेन पकड़ने से पहले माया की बड़ी बहन ने उसे दिया था। सोना देवी ने रिपोर्ट दर्ज करायी थी, जिसमें कहा था कि 13 मई को उनकी पुत्री माया कुमारी (13) घर से सुबह करीब 10 बजे यह कहकर निकली कि वह सहेली गौरी (14) एवं माही (14) संग गरीब स्थान मंदिर में पूजा करने जाएंगी। इसके बाद सभी अपने स्कूल राधा कृष्ण केडिया बालूघाट जाएंगी। देर रात तक जब पुत्री घर नहीं लौटी तब खोजबीन शुरू की।

मंगलवार को मथुरा पहुंचे तीनों छात्राओं के परिजनों ने शिनाख्त और सामान की पहचान कर ली लेकिन, शव चार दिन पुराने होने के कारण काफी फूल गए थे। स्थिति ऐसी थी कि यह नहीं पहचाना जा रहा था कि कौन सा शव किसका है। इसमें मामला फंसने से शाम पांच बजे तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। तब मुजफ्फरपुर नगर थाना के दारोगा मोहन कुमार ने तीनों शवों का डीएनए सुरक्षित कराने का आग्रह किया। इसके बाद तीनों शवों की डीएनए जांच के लिए नमूना सुरिक्षत रखा गया।

पिता ने पहचाना बैग, मेहंदी देख रो पड़ी मां
शवों की पहचान करने थाने पहुंचे माही के पिता मनोज कुमार ने घटनास्थल पर मिले बैग को पहचान लिया। सामान वापस मांगने पर मथुरा हाइवे थाना प्रभारी उमेश चंद त्रिपाठी ने उनसे कहा कि जो सामान मौके से बरामद हुआ है उसे मुजफ्फरपुर पुलिस को सौंपा जाएगा। माया के शव का फोटो उसके भाई रिषु को दिखाया गया तो उसे देख उसकी आंखें नम हो गईं। उससे जब पूछा गया कि क्या ये माया का शव है, तो वह इनकार नहीं कर सका। 

भाई रिषु की शक्ल व कद काठी माया के शव से काफी हद तक मेल खा रही थी। रिषु को जब भी माया के शव का फोटो दिखाया गया उसकी हर बार आंखे नम हो गईं। शवों की पहचान करने पहुंची आशादेवी ने फोटो देख कर उसकी पहचान अपनी बेटी गौरी के रूप में की। पुलिस ने गौरी के मेंहदी लगे हाथ की फोटो को दिखाया तो वह रोने लगीं। उसने पोस्टमार्टम गृह पहुंच कर शव अपनी सुपुर्दगी में लिया।

ट्रेन पकड़ाने छात्राओं की दो सहेलियां भी गई थीं स्टेशन
योगियामठ मोहल्ले में पुलिस को तीनों मृत छात्राओं की दो सहेलियां मिली हैं। दोनों को पता था कि गायब हुईं तीनों छात्राओं ने ट्रेन पकड़ी थी। उन्होंने पुलिस को बताया है कि वे लोग शिव गुरु को शॉर्ट में एसवीजी लिखते थे। सोशल मीडिया पर धार्मिक पोस्ट के जरिए शिव गुरु भक्ति का भाव जगा था। छात्राओं की दीवानगी देख जब परिजन उन्हें समझाते थे तो तीनों लड़ पड़ती थीं। इसके लिए वे परिवार वालों से आहत भी रहती थीं। 

एएसपी भानु प्रताप सिंह ने तीनों छात्राओं की दोनों मित्र से पूछताछ की है। आठवीं की छात्रा गौरी की एक डायरी भी पुलिस को मिली है, जिस पर एक नंबर लिखा मिला है। ट्रू-कॉलर पर वह नंबर किसी रोशन का बता रहा है। नंबर धारक के संबंध में पुलिस जानकारी जुटा रही है। तीनों कोचिंग जाती थीं, इसलिए पुलिस कोचिंग में उक्त नंबर धारक छात्र का पता लगा रही है। 

घर से निकलने के बाद तीनों छात्राएं सिकंदरपुर मंदिर चौक पर आपस में मिलीं। यहीं पर तीनों की दो सहेलियां भी आईं। पांचों लड़कियां मिलने के बाद स्टेशन पहुंचीं। यहां गौरी ने ट्रेन का टिकट कटाया। प्लेटफॉर्म पर पहुंची तो 9.58 बज रहे थे। उसी समय एक ट्रेन खुल रही थी। टिकट कटाने वाली छात्रा ने एक व्यक्ति से पूछा क्या यह ट्रेन लखनऊ जाएगी। इसके बाद तीनों चलती ट्रेन में दौड़कर चढ़ गईं। इतनी बातें गायब होने वाली तीनों छात्राओं की दोनों मित्र से पूछताछ में पुलिस को मालूम हुई।

मथुरा के सिटी एसपी अरविंद सिंह ने कहा कि बिहार पुलिस परिजनों को लेकर आई थी। शवों की शिनाख्त करने पर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को दे दिए गए हैं। आत्महत्या का कारण क्या रहा, बिहार पुलिस इसकी जांच कर रही है। जो सहयोग मांगा जाएगा, वह दिया जाएगा। 

मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी अवधेश दीक्षित ने कहा कि तीनों छात्राएं गायब होने के बाद ट्रेन से यूपी गईं। मथुरा में ट्रेन से कटकर आत्महत्या के साक्ष्य मिले हैं। परिजनों ने मथुरा में शव की पहचान कर ली है। देर से एफआईआर दर्ज करने एवं जांच में शिथिलता बरतने वाले कर्मी को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।