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सतर्कताः गाड़ी में लग जाएगी आग! अगर हैं ये गड़बड़ियां तो आज ही करा लें ठीक

हाल में वाहनों में आग लगने की कुछ घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्राथमिक तौर पर इन वाहनों में आग लगने की वजह को शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है लेकिन ऑटोमोबाइल के विशेषज्ञ इन सबके पीछे घटिया...

सतर्कताः गाड़ी में लग जाएगी आग! अगर हैं ये गड़बड़ियां तो आज ही करा लें ठीक
Sudhir Kumarप्रमुख संवाददाता,पटनाटMon, 17 Jan 2022 12:21 PM

हाल में वाहनों में आग लगने की कुछ घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्राथमिक तौर पर इन वाहनों में आग लगने की वजह को शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है लेकिन ऑटोमोबाइल के विशेषज्ञ इन सबके पीछे घटिया मेंटेनेंस, जुगाड़ तकनीक का इस्तेमाल या सर्विस से जुड़ी लापरवाही परिणाम मानते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कटे तार और रखरखाव में कमी शॉट सर्किट में आग लगने का प्रमुख कारण है। किसी भी शो रूम से निकलने वाले वाहन यानी नई गाड़ियों में आग लगने की घटनाओं का प्रतिशत काफी कम है। उनमें आग न लगने की मुख्य वजह है उनका मेंटेन रहना। हम वाहनों का इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन कई बार हम उसको मेंटेन रखने में लापरवाही करते हैं। कई बार मैकेनिक पैसे बचाने के चक्कर में लापरवाही करते हैं। आपका वाहन आपकी सेहत की तरह है। इसको तंदुरुस्त रखना जरूरी भी है और मजबूरी भी। वर्ना धनहानि के साथ जनहानि भी सामने होगी।

इंशुलेशन फेल होने या कंडक्टर हीट होने से अधिकतर घटनाएं

आईआईटी पटना के इलेक्ट्रिक विभाग के प्रो डा. आरके बेहरा इलेक्ट्रिक वाहनों पर व्यापक शोध कर रहे हैं। वे बताते हैं कि इन अलग-अलग घटनाओं के अलग-अलग कारण हो सकते हैं लेकिन सबके मूल में मेंटेनेंस की लापरवाही ही है। अमूमन इंशुलेशन फेल होने से वाहनों में आग लगने की घटना ज्यादा होती है। वाहनों के इंशुलेशन लेयर को चेक कराएं। यह एक समय बाद हट जाता है। तार कमजोर पड़ने लगते हैं और वे वाहनों के टर्न लेने पर गाड़ी की बॉडी से सटते हैं। इससे खतरा बढ़ता है। कई बार एक ही चैनल से पांच वायर गुजरते हैं। इनमें करंट का प्रवाह होने से उष्मा पैदा होती है। अगर दो तार कटकर आपस में सटें तो चिनगारी निकलेगी। इससे खतरा बढ़ेगा। वाहनों के चालू करते समय, अचानक ब्रेक लेते समय, एकाएक एक्सलेरेशन के समय वायर पर प्रेशर पड़ता है। ऐसे में शार्ट सर्किट की घटना होने की आशंका रहती है। कंडक्टर का गर्म होना भी एक बड़ा कारण है। इसलिये अच्छी जगह गाड़ियों का एक निश्चित समय पर सर्विसिंग और मेंटेनेंस जरूरी है। वाहनों में डूप्लीकेट उपकरणों को लगाने से बचें। ये असुरक्षा भी देते हैं और जल्द खराब होने से खर्च बराबर पड़ जाता है।

प्रेशन हॉर्न और अधिक लाइट न लगवाएं

राजधानी के एक बड़े वर्कशॉप के सर्विस एडवाइजर मजहज खान बताते हैं कि आजकल निजी वाहनों और बसों में एक्स्ट्रा एसेसरिज लगाने का चलन बढ़ा है। कोई एक्स्ट्रा लाइट लगवा रहा है तो कोई प्रेशर हॉर्न। यह खतरनाक है। इसे लगाते समय गाड़ी की सेफ्टी से खेल हो रहा होता है। इन लाइट और हॉर्न को बैटरी से जोड़कर हम बैटरी पर एक्स्ट्रा दबाव बढ़ा रहे होते हैं। इससे बचें, इससे भी शार्ट सर्किट का खतरा काफी बढ़ जाता है। सरकारी गाड़ियों में अनाउंसमेंट सिस्टम या अन्य सुविधाओं के लिये संरक्षा मानकों को पूरा करते हुए एक्स्ट्रा एसेसरीज लगती हैं। अधिकतर लोग वाहनों में रोशनी के अतिरिक्त इंतजाम में खतरनाक तारों का सहारा लेते हैं। इससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ता है। वाहनों को मेंटेन केवल जुर्माना लगने से बचने के लिये न करके इसे अपने हित में दुरुस्त रखें।

तार कटे हों तो बदलें, न कि जुगाड़ से चलाएं

मजहर खान कहते हैं वाहनों के मेंटनेंस में खर्च है लेकिन उन्हें मेंटेन रखना जरूरी है। गाड़ियों की खराबी को आपात स्थिति में रोड साइड मैकेनिक से बनवा लें लेकिन उसे वर्कशॉप ले जाकर एक बार चेक जरूर कराएं। कटे तार को जोड़कर काम न चलाएं। ये शॉर्ट सर्किट की सबसे बड़ी वजह हैं। इन्हें बदलवा लेना ही बेहतर है। इनके स्पार्क करते रहने से खतरा बढ़ता है। इंजन का ख्याल रखना जरूरी है। एक निश्चित दूरी तय करने पर इंजन को सांस लेने दें। यह ड्राइवर और इंजन दोनों के लिये ठीक रहता है। सर्विसिंग समय पर करायें। वाहनों में कूलैंट की कमी न होने दें। यह इंजन को ठंडा रखता है। इंजन की ओवरहीटिंग भी आग लगने की वजह बनती है। वाहन से अगी मोबिल गिर रहा हो तो उसे जरूर चेक कराएं।

 

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