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वकील ने ली ऐसी प्रतिज्ञा कि 'मृत' दारोगा हो गया 'जिंदा', झूठे केस में शिक्षक ने काटी 7 साल जेल

एक महिला ने मुजफ्फरपुर के शिक्षक पर रेप का झूठा केस लगाया। शिक्षक को सात साल की जेल की सजा हो गई। इस केस के जांच अधिकारी दारोगा कोर्ट में पेश नहीं हुए और अपनी पत्नी से खुद को मरा बता दिया।

वकील ने ली ऐसी प्रतिज्ञा कि 'मृत' दारोगा हो गया 'जिंदा', झूठे केस में शिक्षक ने काटी 7 साल जेल
Jayesh Jetawatलाइव हिन्दुस्तान,मुजफ्फऱपुरTue, 27 Feb 2024 12:04 PM
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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रेप के मामले में कोर्ट में पेशी से बचने के लिए एक दारोगा ने खुद को मृत बता दिया। आरोपी पक्ष के वकील ने कसम खा ली कि वह दारोगा को जिंदा साबित करेगा, उसने अपनी जनेऊ भी उतार दी। 12 साल बाद जब उसने दारोगा को जिंदा और आरोपी को बेगुनाह साबित करवाया, तो कोर्ट परिसर में स्थित हनुमान मंदिर में ही उसने फिर से विधि-विधान के साथ जनेऊ धारण की। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक वकील का नाम एसके झा है। करीब 12 साल पहले एक शिक्षक पर उन्हीं के गांव की महिला ने रेप का आरोप लगाया था। अहियापुर थाने में केस दर्ज हुआ, तो दारोगा रामचंद्र सिंह ने रेप के आरोप में शिक्षक अनंतराम को गिरफ्तार कर लिया। अनंतराम ने रेप के आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि महिला के पति को उन्होंने 1.25 लाख रुपये उधार दिए थे। जब वापस मांगे तो उसने अपने परिजन के साथ मिलकर अनंतराम की पिटाई की और फिर साजिश के तहत पत्नी से रेप का केस दर्ज करवा दिया।

इसके बाद कोर्ट में इस मामले का ट्रायल शुरू हो गया। अनंतराम की ओर से वकील एसके झा ने केस लड़ा। उन्होंने अदालत को बताया कि यह मामला पूरी तरह से झूठा है। महिला द्वारा एफआईआर में रेप की घटना का जो वक्त बताया गया है, उस समय अनंतराम खुद पुलिस के साथ थे। मारपीट की घटना में घायल हुए अनंतराम को उस वक्त पुलिस खुद अस्पताल में भर्ती करवाकर आई थी। 

जब कोर्ट ने इस केस के जांच अधिकारी दारोगा रामचंद्र सिंह को अदालत में आरोपी के खिलाफ सबूत पेश करने के लिए बुलाया, लेकिन वह कोर्ट नहीं आए। उनकी पत्नी की ओर से अदालत को बताया गया कि दारोगा की 2009 में यानी तीन साल पहले ही मौत हो चुकी है। उसने अपने पति का फर्जी मृ्त्यु प्रमाण पत्र भी कोर्ट के सामने पेश कर दिया। यह जानकर सभी चौंक गए। आखिरकार तीन साल पहले जिस दारोगा की मृत्यु हो गई हो वो अभी रेप के मामले की जांच कैसे कर रहा है।

जांच अधिकारी रामचंद्र सिंह की इस मामले में भूमिका संदेहास्पद नजर आने लगी। वकील एसके झा ने कसम खा ली कि वह दारोगा को जिंदा साबित करके दिखाएंगे। जब तक वह सच सामने लेकर नहीं आएंगे, तब जनेऊ नहीं पहनेंगे। हालांकि, बाद में अदालत ने इस केस में शिक्षक अनंतराम को दोषी करार देते हुए 7 साल की सजा सुना दी। झूठे केस में उन्हें करीब पौने सात साल जेल में काटने पड़े। 

इस बीच वकील एसके झा ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की। साथ ही उन्होंने खुद को मुर्दा बताने वाले दारोगा रामचंद्र को भी ढूंढ निकाला। वकील झा दारोगा रामचंद्र के गांव पहुंचे। वहां से पता चला कि रामचंद्र रिटायरमेंट के बाद पटना में रह रहे हैं। उन्हें सरकारी पेंशन भी मिल रही है। इसके बाद हाईकोर्ट में उन्होंने दारोगा की सच्चाई पेश की। कोर्ट ने आखिर में शिक्षक अनंतराम को दोषमुक्त करार देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया। मगर उनकी जिंदगी के करीब सात साल जेल में बर्बाद हो गए। 

वहीं, दारोगा रामचंद्र ने अपनी ही मौत की खबर क्यों फैलाई, यह अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। वकील एसके झा ने मानवाधिकार आयोग से भी अनंतराम को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

इस केस की सच्चाई सामने आने के बाद वकील एसके झा की प्रतिज्ञा पूरी हो गई। हाल ही में उन्होंने मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में स्थित हनुमान मंदिर में मंत्रोच्चार और संस्कार विधि के साथ जनेऊ धारण की। झूठे केस में फंसे किसी शख्स को बेगुनाह साबित करवाने के लिए एक वकील की ऐसी प्रतिज्ञा बहुत कम ही देखने को मिलती है।

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