ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News बिहारतेजस्वी 'अर्धसाक्षर', लालू चला रहे घातक एजेंडा; लास्ट फेज से पहले RJD पर BJP हमलावर, JDU ने भी खोला मोर्चा

तेजस्वी 'अर्धसाक्षर', लालू चला रहे घातक एजेंडा; लास्ट फेज से पहले RJD पर BJP हमलावर, JDU ने भी खोला मोर्चा

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि चुनावी राजनीति से इतर हटकर बिहार के लोगों को लालू प्रसाद व उनके अर्धसाक्षर शहजादे के बारे में विचार करना होगा। ये वोट की ओट में काले कारनामों को छिपाने के चक्कर में हैं।

तेजस्वी 'अर्धसाक्षर', लालू चला रहे घातक एजेंडा; लास्ट फेज से पहले RJD पर BJP हमलावर, JDU ने भी खोला मोर्चा
Sudhir Kumarहिन्दुस्तान,पटनाMon, 27 May 2024 11:17 AM
ऐप पर पढ़ें

Bihar Lok Sabha Election: देखते देखते लोकसभा चुनाव 2024 का अंतिम और सातवां चरण सामने आ गया। 1 जून को मतदान की पूर्णाहूति हो जाएगी। बीजेपी और जेडीयू समेत एनडीए 400 पार के टारगेट पर काम कर रहे हैं तो राजद के सामने 2019 की तुलना में खाता खोलने की चुनौती है। मतदाता को अपनी ओर खींचने के लिए जुबानी वार-प्रहार का दौर जारी है। बीजेपी और जेडीयू ने आरजेडी पर फिर जोरदार हमला बोला है। नीतीश सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तेजस्वी यादव का नाम लिए बगैर अर्धसाक्षर बताया है तो जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने नेता प्रतिपक्ष को पालने में खेलने वाला युवराज करार दिया है।

बीजेपी नेता  विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि चुनावी राजनीति से इतर हटकर बिहार के लोगों को लालू प्रसाद व उनके ‘अर्धसाक्षर’ शहजादे के बारे में विचार करना होगा। ये लोग वोट की ओट लेकर अपने काले कारनामों को छिपाने के चक्कर में घातक एजेंडा चलाने में जुट गए हैं। आज जिस तरह बिहारी बनाम गुजराती अस्मिता को इन्होंने हवा दी है, उससे क्षेत्रवाद की लपट उठ सकती है।

लोकसभा चुनाव 2024: अब अंतिम पारी जीतने की जद्दोजहद; बिहार में शाह, नड्डा और खरगे ने मचाया दंगल

उपमुख्यमंत्री ने बयान जारी करके कहा कि लोगों को आज भी याद है कि इनके ‘माता- पिता’ के जंगलराज के कारण पलायन के लिए विवश हुए प्रवासी बिहारियों को अपमान और कटुता का कैसा दंश झेलना पड़ता था। ये लोग एक बार फिर बिहारी समुदाय को क्षेत्रीय विद्वेष के उसी बुरे दौर में फिर से ले जाना चाहते हैं। राजद का यह अपरिपक्व शहजादा मतिभ्रम में है कि फिर बिहार को ‘तेल पिलावन लाठी भजावन’ वाले लालटेन युग में ले जाकर राज्य को अपनी जागीर बनायी जाए। लेकिन बिहार के लोग संकल्पित हैं कि फिर से इस प्रदेश को लालू परिवार का ‘पोलिटिकल अंडरवर्ल्ड’ नहीं बनने दिया जाएगा।

उधर जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने  कहा है कि सोने के पालने पर खेलने वाले युवराज को आम जनता की भावनाओं का अंदाजा नहीं होता है। यह सही है कि बिहारी निडर होते हैं, लेकिन अपने बाल-बच्चों के भविष्य को लेकर उन्हें जंगलराज से आज भी डर लगता है। राजीव रंजन बताते हैं कि राजद के 15 वर्ष के शासन ने एक पूरी पीढ़ी का भविष्य डूबा दिया, आज वह पीढ़ी अपनी अगली पीढ़ी को उसी अंधकार में भेजना नहीं चाहती। राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि युवराज को जानना चाहिए कि राजद के जंगलराज में न जाने कितनी माताओं की गोदें सूनीं हुई, अनेक बहनों के सुहाग उजाड़ दिए गये। रंगदारी और अपहरण के उद्योग बन जाने से व्यवसायी वर्ग चौबीसों घंटे भय के साए में जीता था। 

उन्होंने कहा है कि  राजद के कुशासन से शांति और अहिंसा की धरती माने जाने वाला बिहार पूरे देश में हिंसा के लिए बदनाम हो गया था। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को जानना चाहिए कि बिहारी जंगलराज से डरते जरूर हैं, लेकिन वैसी ताकतों से मुकाबला करना भी उन्हें बखूबी आता है। इसीलिए नीतीश कुमार के नेतृत्व में जनता ने उनके शासन को उखाड़ फेंका। आगे भी बिहार उन्हें सत्ता में नहीं आने देगा।