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तेजस्वी ने कहा- ढाई साल में 5 लाख नौकरी देंगे, 2025 तक 10 लाख जॉब देगी महागठबंधन सरकार

बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार को कहा कि 2025 तक महागठबंधन सरकार 10 लाख लोगों को नौकरी देगी। ढाई साल में 5 लाख लोगों को नौकरी दिया जाएगा।

तेजस्वी ने कहा- ढाई साल में 5 लाख नौकरी देंगे, 2025 तक 10 लाख जॉब देगी महागठबंधन सरकार
Malay Ojhaहिन्दुस्तान,पटनाSun, 26 Nov 2023 05:58 PM
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बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि 2025 तक महागठबंधन सरकार 10 लाख लोगों को रोजगार देगी। जबकि ढाई साल में 5 लाख लोगों को रोजगार दिया जाएगा। तेजस्वी यादव रविवार को प्रदेश राजद कार्यालय में समाजवादी नेता यूसुफ मेहर अली के सम्मान में आयोजित परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भूमिहीनों और गरीब परिवारों को दो लाख की सहायता देगी। बिहार सरकार अपने बलबूते सभी काम कर रही है। मुंगेर में कल जो उद्घाटन हुआ है, बीजेपी कहती है केंद्र सरकार के द्वारा हुआ है, लेकिन एक पैसा नहीं दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज किया और कहा कि रोजगार के नाम पर जुमलेबाजी कर रही, सभी योजनाओं का नाम बदल कर अपना नाम दे रहे हैं।  

तेजस्वी ने जातीय गणना और आरक्षण की नयी व्यवस्था का जिक्र किया और कहा कि समाज के गरीब और उपेक्षा के शिकार लोगों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।  बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलें तो इसमें तेजी आएगी। आरक्षण व्यवस्था को संविधान की 9 वीं सूची में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है, अब गेंद उनके पाले में हैं। देखना है केंद्र व भाजपा आगे क्या करती है। उन्होंने युसूफ अली मेहर के कृतित्व को याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित किया। 

इससे पहले मुजफ्फरपुर में नोनिया समाज महासम्मेलन के दौरान तेजस्वी ने कहा कि बिहार आरक्षण बढ़ाने वाला देश का पहला राज्य है। इससे हमने देश को दिशा दिखायी है। अब पूरे देश में जातीय जनगणना कराने की मांग होने लगी है। उन्होंने कहा कि हम लोग शुरू से चाहते थे कि पूरे देश में जातीय जनगणना हो। इसके लिए हमने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की थी। लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद हमने बिहार में जातीय जनगणना कराने का फैसला लिया। हम अगर ऐसा नहीं कराते तो हमें कैसे पता चलता कि बिहार में गरीबों की संख्या कितनी है। हमें सभी वर्ग के गरीबों को मुख्य धारा में लाना है, ताकि समाज में गैर बराबरी न हो। 

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