ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News बिहारकमर दर्द के बावजूद नहीं थमेंगी तेजस्वी की रैलियां; अपनी हेल्थ का खुद दिया अपडेट, जानिए क्या कहा?

कमर दर्द के बावजूद नहीं थमेंगी तेजस्वी की रैलियां; अपनी हेल्थ का खुद दिया अपडेट, जानिए क्या कहा?

चुनावी सभा में तबीयत बिगड़ने के बाद तेजस्वी यादव ने अपनी सेहत का अपडेट देते हुए कहा कि दर्द में भी उनकी रैलियां जारी रहेंगी। फिर चाहे कितनी भी बाधाएं और दर्द हो लेकिन तेजस्वी झुकेगा नहीं।

कमर दर्द के बावजूद नहीं थमेंगी तेजस्वी की रैलियां; अपनी हेल्थ का खुद दिया अपडेट, जानिए क्या कहा?
Sandeepलाइव हिन्दुस्तान,पटनाSat, 04 May 2024 07:32 AM
ऐप पर पढ़ें

अररिया के फारबिसगंज में चुनावी रैली के दौरान अचानक तेजस्वी यादव की तबीयत बिगड़ गई थी। कमर दर्द के चलते चलने में परेशानी हो रही थी। मंच से कार तक सुरक्षाकर्मी उन्हें ले गए थे। जिसके बाद तेजस्वी यादव ने अपनी हेल्थ का खुद अपडेट देते हुए कहा कि उनकी रैलियां इस दर्द भी जारी रहेंगी। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होने लिखा कि भले ही बाधा कितनी हो, भले ही दर्द कितना हो, रुकना नहीं है, झुकना नहीं है और थकना नहीं है। 

तेजस्वी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि महीनों से अलट-पलट वाली अथक सामाजिक राजनीतिक यात्रा रही है। आराम के अभाव एवं निरंतर यात्रा के कारण दो हफ़्ते से कमर में हल्का दर्द था, दो दिन से अचानक बढ़ गया। लेकिन मेरा ये दर्द बिहार के उन करोड़ों बेरोजगार युवाओं की तकलीफ़ के आगे कुछ भी नहीं है जो नौकरी-रोजगार की आस में बैठे हैं जिनके सपनों को विगत 10 वर्षों में धर्म की आड़ में कुचला गया है। मैं अपने दर्द को भूल जाता हूँ जब देखता हूं, कैसे गरीब माताओं-बहनों को महंगाई के कारण रसोई चलाने में भारी पीड़ा का अनुभव होता है। 

किसान भाइयों को सिंचाई के साधन व फसल का उचित दाम नहीं मिलने तथा संसाधनों के अभाव एवं रोजी-रोटी के लिए लाखों साथियों के पलायन का कष्ट देखता हूं। तो मुझे मेरा दर्द महसूस भी नहीं होता। छात्र को पीड़ा हैं क्यूंकि उन्हें अच्छी पढ़ाई नहीं मिल पा रही। बिहार के मेरे बुज़र्गों की पीड़ा है कि उन्हें अच्छी दवाई नहीं मिल पा रही, थाना और ब्लॉक के भ्रष्टाचार से आमजन परेशान है। हर वर्ग को पीड़ा है क्यूंकि उनके अधिकार, उनका न्याय उन्हें नहीं मिल पा रहा है। मैं इन सबों की तकलीफ़ में अपने आप को सांझीदार मानता हूं।

ये भी पढ़िए- VIDEO: तेजस्वी यादव की तबीयत बिगड़ी, अररिया में मंच से कार तक पकड़कर ले जाना पड़ा

बिहार में NDA सरकार से जनता त्रस्त है। ऐसे में यदि मैंने अपनीं पीड़ा की चिंता की और ये कदम रुक गए तो फिर लोगों की उम्मीदें भी बुझ जाएगीं तथा महंगाई, तानाशाही, अत्याचार और अन्याय की आग में बिहार झुलसता रहेगा। इसलिए मैंने तय किया है कि भले ही बाधा कितनी हो, भले ही दर्द कितना हो, रुकना नहीं है, झुकना नहीं है और थकना नहीं है। लक्ष्य की प्राप्ति तक चलते जाना है, बढ़ते जाना है, जीतते जाना है जीताते जाना है। लक्ष्य प्राप्त किए बिना रुकना मेरे खून में नहीं है।

आपको बता दें बीते एक महीने से तेजस्वी यादव ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार में जुटे हैं। एक दिन में 5-6 रैलियां कर रहे हैं। तेजस्वी ने एक चुनावी सभा में खुद कहा कि 30 दिनों में उन्होंने 97 रैलियां कर लीं। हेलिकॉप्टर को ट्रैक्टर बना दिया है और उसे ब्लॉक-ब्लॉक उतार रहे हैं। बीते एक महीने में वे 97 रैलियां कर चुके हैं। यानी कि तीसरे चरण की वोटिंग से पहले वे जनसभाओं का शतक मार देंगे। शायद इतनी ज्यादा रैलियां तेजस्वी की खराब तबीयत की वजह बनी है। लेकिन उन्होने कह दिया है कि दर्द में भी उनकी रैलियां रुकेंगी और थमेंगी नही।