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Hindi News बिहारतेजस्वी का पत्र झूठ का पुलिंदा, लालू दलित-ओबीसी विरोधी; RJD के आरक्षण राग पर JDU गर्म

तेजस्वी का पत्र झूठ का पुलिंदा, लालू दलित-ओबीसी विरोधी; RJD के आरक्षण राग पर JDU गर्म

तेजस्वी यादव को अपने माता-पिता लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के शासनकाल को याद कर लेना चाहिए। उनसे ये सवाल करना चाहिए कि उन्होंने अपने शासनकाल में कितने दलितों, पिछड़ों-अति पिछड़ों को आरक्षण दिया?

तेजस्वी का पत्र झूठ का पुलिंदा, लालू दलित-ओबीसी विरोधी; RJD के आरक्षण राग पर JDU गर्म
Sudhir Kumarहिन्दुस्तान,पटनाSun, 26 May 2024 07:50 PM
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जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष निहोरा प्रसाद यादव, प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल और मनीष यादव ने तेजस्वी यादव के आरक्षण और जाति आधारित गणना को लेकर जारी पत्र को झूठ का पुलिंदा बताया है। रविवार को जदयू प्रदेश दफ्तर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद पर दलितों, पिछड़ों और अति पिछड़ों को आरक्षण से वंचित रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन वर्गों को उनका वास्तविक अधिकार नहीं दिया और हमेशा अपना वोट बैंक समझा। तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के नाम दो पन्नों का खुला पत्र लिखा था। दरअसल लोकसभा चुनाव को लेकर एनडीए और इंडिया गठबंधन के नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है।

पार्टी नेताओं ने कहा कि पत्र जारी करने से पहले तेजस्वी यादव को अपने माता-पिता लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के शासनकाल को याद कर लेना चाहिए। साथ ही उनसे ये सवाल करना चाहिए कि उन्होंने अपने शासनकाल में कितने दलितों, पिछड़ों-अति पिछड़ों को आरक्षण दिया? सच्चाई तो ये है कि लालू यादव ने केवल अपने परिवार को राजनीतिक आरक्षण दिया। परिवार के छह सदस्यों को राजनीतिक रोजगार दिया।
जदयू नेताओं ने कहा कि तेजस्वी यादव बताएं कि उन्हें जिन-जिन विभागों की जिम्मेदारी मिली, वहां कितनी नौकरियां दीं। जिस शिक्षक नियुक्तियों का वो झूठा क्रेडिट लेना चाह रहे हैं उसकी सच्चाई ये है कि उनके कोटे से शिक्षा विभाग के मंत्री ने तो नौ महीनों तक विभाग का मुंह तक नहीं देखा था। 

 

रविवार को पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी को दो पन्नों का खुला पत्र लिख कर जमकर भड़ास निकाली। पीएम मोदी को पिछड़ा और दलित विरोधी बताते हुए कहा कि पद की गरीमा के अनुसार बात नहीं कर रहे। तेजस्वी के पत्र में मंडल कमीशन,आरक्षण, संविधान, मंगलसूत्र, भैंस और मुजरा का मुद्दा छाया हुआ है। तेजस्वी यादव ने अपना पत्र सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट भी किया है। कहा है कि प्रधानमंत्री अब लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ने के बजाय एक संघर्षरत 34 वर्षीय युवा को जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं।  वह ऐसी धमकियाँ देकर संविधान का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं। तेजस्वी ने पीएम को संबोधित करते हुए कहा है कि चुनाव आते-जाते रहेंगे लेकिन संविधान, देश की सामाजिक संरचना और उसके ढाँचे पर अब और हमला मत कीजिए।  आप बिहार आए और यहां आकर आप ने बहुत ही झूठी, आधारहीन और तथ्यहीन बातें कही।