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बिहारजीतन राम मांझी व तेजप्रताप की मुलाकात पर बोले सुशील मोदी, एनडीए अटूट है, डोरे डालने वाले सफल नहीं होंगे

पटना, हिन्दुस्तान टीमPublished By: Malay Ojha
Fri, 11 Jun 2021 08:21 PM
जीतन राम मांझी व तेजप्रताप की मुलाकात पर बोले सुशील मोदी, एनडीए अटूट है, डोरे डालने वाले सफल नहीं होंगे

भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी एनडीए के वरिष्ठ नेता हैं। इसलिए किसी जनप्रतिनिधि की उनसे शिष्टाचार भेंट का राजनीतिक मायने निकालने की जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। मांझी किसी एक जाति के नहीं, बल्कि बिहार में दलितों के बड़े सर्वमान्य नेता हैं। उन्होंने राजद का कुशासन भी देखा है। उनपर डोरे डालने वाले कभी सफल नहीं होंगे। 

मोदी ने ट्वीट किया कि एनडीए अटूट है और इसकी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। एनडीए एक लोकतांत्रिक गठबंधन है, इसलिए जनता से जुडे विभिन्न मुद्दों पर सभी घटक दलों की राय अलग-अलग हो सकती है। एनडीए के सभी घटक दलों से अपील है कि वे गैरजिम्मेदार बयानबाजी करने के बजाय पीड़ित मानवता की रक्षा करने में अपनी ऊर्जा लगाएं। 

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चट्टानी एकता के साथ काम कर रहा एनडीए : कुशवाहा
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के प्रमुख जीतन राम मांझी से तेजप्रताप यादव की मुलाकात में ऐसा कुछ भी नहीं है। यह कोई राजनीतिक मुलाकात नहीं थी और इसे खुद मांझी ने भी साफ-साफ कहा है। हमलोग मिलजुल कर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में एनडीए के सभी घटक दल चट्टानी एकता के साथ काम कर रहे हैं। 

मांझी से मिले तेजप्रताप, लालू से की फोन पर बात, दी जन्मदिन की बधाई
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से मुलाकात कर एक बार फिर सबको चौंका दिया है। सियासी गलियारे में इस मुलाकात के अलग-अलग निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। इसे पिछली घटनाओं से जोड़कर भी देखा जा रहा है। इससे पहले श्री मांझी ने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को उनकी शादी के सालगिरह पर बधाई दी थी। लालू प्रसाद के प्रति श्री मांझी की बढ़ती हमदर्दी से नई सियासत के आकार लेने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि इसकी कोई भी पुष्टि नहीं करता। 

मांझी ने शुक्रवार को ट्वीट कर सुबह में ही लालू प्रसाद को उनके जन्मदिन की बधाई दी। इसके बाद तेजप्रताप यादव दोपहर में श्री मांझी से मिलने उनके आवास पर गए। दोनों के बीच बंद कमरे में बातें हुई। तेजप्रताप यादव यहां करीब 45 मिनट तक रहे। इसी दौरान श्री मांझी की लालू प्रसाद से फोन पर बात भी हुई। लालू प्रसाद को उन्होंने जन्मदिन की बधाई दी और उनके दीर्घायु होने की ईश्वर से कामना की। 

राजनीतिक दृष्टि ने नहीं देखा जाये
हालांकि, दोनों नेताओं ने कहा है कि इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। मुलाकात के बाद श्री मांझी ने मीडिया से कहा कि तेजप्रताप मुझसे मिलने आये हैं, इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाये। युवाओं और गैर राजनीतिक संगठन को लेकर उनसे बात हुई है। इससे पहले तेजस्वी जी भी मुझसे मिले थे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एनडीए को छोड़कर जाने का कोई सवाल ही नहीं होता है। आपलोग जो चाहे मतलब निकालें। वहीं तेजप्रताप ने कहा कि श्री मांझी से मिलने आना कोई नई बात नहीं है। इनका मार्गदर्शन लेते रहते हैं। हमारा पारिवारिक संबंध है। बहुत दिन हो गया था। लॉकडाऊन खुला तो आकर मुलाकात किये। कोई राजनीतिक बात नहीं हुई है। 

जातिगत जनगणना जल्द शुरू हो 
इधर जीतन राम मांझी ने ट्वीट कर केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि जाति आधारित जनगणना जल्द शुरू की जाए। वर्तमान परिस्थिति में देश की जनगणना आवश्यक है, पर कोरोना के कारण इसे रोक कर रखा गया था। देश में जब चुनाव हो सकते हैं तो जनगणना से परहेज क्यों? मालूम हो कि हाल ही में इस मुद्दे को लालू प्रसाद ने भी उठाया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी जातिगत जनगणना कराने की बात कई फोरम पर कर चुके हैं। 

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