DA Image
हिंदी न्यूज़ › बिहार › अंधविश्वास: श्मशान घाट में मुर्दा हो गया जिंदा! मोबाइल पर झाड़फूंक, लाश के मुंह में डाला पानी, और फिर...
बिहार

अंधविश्वास: श्मशान घाट में मुर्दा हो गया जिंदा! मोबाइल पर झाड़फूंक, लाश के मुंह में डाला पानी, और फिर...

मुजफ्फरपुर हिन्दुस्तान टीमPublished By: Malay Ojha
Mon, 11 Oct 2021 10:30 PM
अंधविश्वास: श्मशान घाट में मुर्दा हो गया जिंदा! मोबाइल पर झाड़फूंक, लाश के मुंह में डाला पानी, और फिर...

अंधविश्वास आज भी लोगों पर किस कदर हावी है, इसका नजारा मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी के श्मशान घाट में दिखा। यहां मृत युवक को जिंदा करने का दावा कर चंडीगढ़ में बैठा एक तांत्रिक मोबाइल से झाड़फूंक करने लगा। पांच घंटे मशक्कत के बाद भी जब शव में कोई हरकत नहीं हुई तो शवयात्रा में साथ आये कुछ लोगों की फटकार के बाद परिजन ने मृतक का दाह संस्कार कर दिया।

मामला मनियारी थाना क्षेत्र के महंत मनियारी के भगवानपुर टोला का है। यहां रविवार की रात नवीन कुमार पंडित के 18 वर्षीय पुत्र मोनू कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। सोमवार को उसका दाह संस्कार करने के लिए उसे महंत मनियारी माहदेव स्थान स्थित शमशान घाट लाया गया था। दाह संस्कार में आये लोगों के बीच से एक महिला ने चंडीगढ़ के एक तांत्रिक से बात की। उसके कहने पर मृत युवक के मुंह में पानी डाला तो पानी मुंह से उसके पेट में चला गया। उसके बाद वहां मृत युवक के जीवित होने की अफवाह फैल गयी। झाड़फूंक के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो तांत्रिक ने शव को चंडीगढ़ लाने को बोला। उसने यहां तक कहा कि अगर शव लाने में सक्षम नहीं हैं तो हवाई टिकट भेजिए, मैं युवक को वहां पहुंच कर जीवित कर दूंगा। झाड़फूंक का सिलसिला सुबह सात बजे से लेकर दिन के 12 बजे तक चलता रहा। इस घटनाक्रम को देखने के लिए आसपास के सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

समय से अस्पताल ले जाने पर बच सकती थी जान
स्थानीय संजय कुमार ठाकुर ने बताया कि नवीन कुमार पंडित ने अपने बेटे मोनू के साथ सकरा के बाजी गांव में लगे मेले में चाय-नास्ता की दुकान खोली थी। रविवार की दोपहर अचानक मोनू की तबीयत बिगड़ गई।  आननफानन में उसे ग्रामीण चिकित्सक के यहां लाया गया, मगर वहां ठीक नहीं हुआ तो उसे अस्पताल ले जाने की जगह परिजन उसे एक तांत्रिक के पास ले गये। वहां स्थिति और बिगड़ गयी। रात में शहर के अस्तपताल ले जाने के क्रम में युवक ने रास्ते में दम तोड़ दिया। अगर मोनू को समय से अस्पताल पहुंचाया जाता तो वह बच सकता था।

संबंधित खबरें