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सुपौल: लूट व हत्या के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का सरगना सहित तीन गिरफ्तार

सुपौल। हिन्दुस्तान संवाददाताPublished By: Yogesh Yadav
Thu, 17 Jun 2021 09:03 PM
सुपौल: लूट व हत्या के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का सरगना सहित तीन गिरफ्तार

इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद जिले की पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि हासिल किया है। यह पहला मौका है इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अपराधी की गिरफ्तारी हुई है। मामला नेपाल से जुड़ा हुआ है। जहां से 9 अप्रैल को सिहरा जिले के बैरियापट्टी निवासी सोमनाथ यादव का अपहरण कर अपराधियों ने डेढ़ करोड़ (नेपाली करेंसी) फिरौती की मांग की थी। फिरौती नहीं देने पर 19 अप्रैल को ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसका खुलासा गुरुवार को एसपी मनोज कुमार ने प्रेस वार्ता में किया। 

एसपी ने बताया कि अपहरणकर्ता गिरोह के सरगना के रूप में नेपाल के सिरहा जिले के सुखीपुर निवासी रामकुमार यादव उर्फ राजकुमार यादव उर्फ आर के यादव उर्फ नेपाली उर्फ माओवादी का नाम सामने आया। फिरौती के लिए आर के ने भारतीय भूभाग से सोमनाथ की रिहाई के एवज में 1.5 करोड़ रुपये की मांग सोमनाथ के परिजनों से किया । नेपाली पुलिस को इनपुट मिला कि सोमनाथ को जिले के निर्मली थाना क्षेत्र के महुआ गांव में उमेश यादव के घर बंद कर रखा गया है। उसके बाद नेपाल पुलिस ने इंटरपोल से मदद मांगी।

इंटरपोल के नई दिल्ली स्थित भारतीय कार्यालय से सूचना मिलने के बाद मामले में अपहृत के पिता के बयान पर 31 मई को निर्मली में केस दर्ज कर पुलिस सक्रिय हुई और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अपराधी आरके की गिरफ्तारी गुड़गांव से हुई। एसपी ने बताया कि आरके पर भारत और नेपाल में एक दर्जन से अधिक अपहरण, हत्या, लूट और बम ब्लास्ट के मामले दर्ज है। उन्होंने बताया कि आरके नेपाल के एक भूमिगत संगठन सैन्य कमांडर भी है।

एसपी श्री कुमार ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए एसटीएफ के डीआईजी विनय कुमार के प्रति आभार जताया और कहा कि आरके के अलावा अन्य दो आरोपितों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा। बताया कि घटना में इस्तेमाल की जाने स्कॉर्पियो और मधुबनी के हरेराम यादव की गिरफ्तारी हुई है। इनके खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त वैज्ञानिक साक्ष्य हैं।

हत्या के बाद शव को कोसी नदी में लगाया ठिकाना: इंटरपोल के हस्तक्षेप के बाद पुलिस इंस्पेक्टर बासुदेव रॉय के नेतृत्व में एक टीम गठित हुई , लेकिन उसे ख़ास सफलता नही मिल सकी । इससके बाद वीरपुर एसडीपीओ रामानंद कौशल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित हुआ। इस टीम को पहली सफलता तब मिली जब अपहरणकर्ता टीम के सदस्य मधुबनी जिला के फुलपरास थाना के फुलकाही निवासी सतीश यादव को गिरफ्तार किया गया। सतीश ने बताया कि फिरौती अदा करने में हो रहे देरी की वजह से आर के ने 19 अप्रैल को ही सोमनाथ की गोली मार हत्या कर दिया और लाश को कोसी नदी में फेंक दिया । सतीश की निशानदेही पर कोसी नदी में गोताखोरों की मदद से शव की तलाश की गई , लेकिन असफलता मिली । हालांकि , इस बात की अंतिम रूप से पुष्टि हो गई कि अपहृत की हत्या कर दी गई है ।

आरके उर्फ नेपाली उर्फ माओवादी पर दर्ज मामले: एसपी मनोज कुमार ने बताया कि आरके का कार्यक्षेत्र ना केवल नेपाल बल्कि बिहार का सुपौल और मधुबनी जिला है , जहां उंसके खिलाफ अपहरण, हत्या, लूट,  डकैती, बम ब्लास्ट के दर्जनों मामले दर्ज हैं। नेपाल पुलिस के डायरी में आरके मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल है , जिसकी तलाश भारत और नेपाल पुलिस को एक दशक से थी । इस अपहरण मामले में बिहार के सुपौल का नाम तब जुड़ गया जब, आरके ने भारतीय भूभाग से सोमनाथ की रिहाई के एवज में 1.5 करोड़ रुपये की मांग अपहृत के परिजनों से किया। एसपी के मुताबिक आरके पर भारत में चार और नेपाल में 13 मामले दर्ज हैं। नेपाल के एक मामले में इसे आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गईहै।

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