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Hindi News बिहारभीषण गर्मी से कक्षा में बेहोश होकर गिर रहे बच्चे, केके पाठक की नई स्कूल टाइमिंग का विरोध तेज

भीषण गर्मी से कक्षा में बेहोश होकर गिर रहे बच्चे, केके पाठक की नई स्कूल टाइमिंग का विरोध तेज

बिहार के सरकारी स्कूलों के बेतरतीब समय के चलते छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों को खासी परेशानी हो रही है। आलम यह है कि भीषण गर्मी में बच्चे कक्षाओं में बेहोश होकर गिर रहे हैं।

भीषण गर्मी से कक्षा में बेहोश होकर गिर रहे बच्चे, केके पाठक की नई स्कूल टाइमिंग का विरोध तेज
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,छपरा जहानाबादSat, 18 May 2024 08:53 PM
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बिहार में भीषण गर्मी के बीच सरकारी स्कूलों की नई टाइमिंग शिक्षकों के साथ ही बच्चों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई है। स्कूलों में छात्र एवं छात्राएं सुबह 6 बजे हड़बड़ी में स्कूल पहुंच रहे हैं। इस दौरान वे भरपूर नाश्ता करके भी नहीं आ पा रहे हैं। इस कारण भीषण गर्मी में वे स्कूल के अंदर बेहोश होकर गिर रहे हैं। शुक्रवार को सारण और अरवल जिले से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। इस बीच शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के स्कूलों का समय बदलने के फैसले का विरोध तेज हो गया है। सोशल मीडिया पर बिहार सरकार से स्कूल का समय बदलने की मांग को लेकर कैंपेन भी चलाया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक सारण (छपरा) जिले के मकेर थाना इलाके में माध्यमिक विद्यालय नंदन कैतुका के 9वीं की छात्रा गुलाब शाह खातून,आशमां खातून और चांदनी खातून शनिवार को पढ़ाई के दौरान कक्षा में ही बेहोश हो गईं।आनन -फानन में विद्यालय के शिक्षक ने स्कूल कार्यालय में लाकर तीनों छात्राओं का इलाज निजी चिकित्सक से कराया। शिक्षक ने इलाज के बाद छात्राओं के परिजन को बुलाकर घर भेजा। तीनों छात्राएं नंदन कैतुका गांव की बताई जाती हैं।

इसी तरह अरवल जिले के सोनभद्र वंशी सूर्यपुर प्रखंड क्षेत्र से भी शनिवार को ऐसी ही घटना सामने आई। मध्य विद्यालय माली में सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा भीषण गर्मी में गिर कर बेहोश हो गई। विद्यालय के प्रधानाध्यापक देवेंद्र कुमार से पूछे जाने पर बताया गया कि छात्रा का नाम शिवानी कुमारी है, वह पहली क्लास में पढ़ती है। आनन-फानन में विधालय रसोइया से पानी मंगवाकर छात्रा के मुंह पर छिड़काव किया गया, जिससे अचेत छात्रा को होश आया। प्रधानाध्यापक ने छात्रा के माता-पिता को खबर कर स्कूल बुलाया और उसे परिजन को सौंप दिया। प्रधानाध्यापक ने बताया कि सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम में बच्चों को आपदा से बचाव की जानकारी दी जा रही थी।

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एक ओर जहां शिक्षक समाज सरकार के तुगलकी फरमान से नाराज हैं। वहीं आए दिन भिन्न-भिन्न विद्यालय में इस तरह की घटना से अभिभावकों में भी रोष है। उनका कहना है कि सरकार सुबह 6 बजे से विद्यालय शुरू कर दोपहर 12 बजे तक चलवा तो रही है लेकिन इसका ख़मियाज़ा बच्चे भुगत रहे हैं। कोई भी छात्र सुबह 6 बजे अच्छे से नाश्ता करके स्कूल नहीं जा पा रहा है। इस कारण पड़ रही अत्यधिक गर्मी से वे स्कूल में ही बेहोश हो जा रहे हैं।

बता दें कि 16 मई से ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुले। एसीएस केके पाठक के शिक्षा विभाग ने स्कूलों का समय बदलकर सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक कर दिया। साथ ही कमजोर छात्रों के लिए 1.30 बजे तक अतिरिक्त क्लास भी ली जा रही है। बच्चे एवं शिक्षक हड़बड़ी में सुबह भागदौड़ करके जैसे-तैसे स्कूल पहुंच रहे हैं। उनकी नींद नहीं पूरी हो पा रही है। वहीं, दोपहर में छुट्टी होने के बाद वे भीषण गर्मी में बाहर निकलकर अपने घरों की ओर पहुंच रहे हैं। शिक्षकों को भी बहुत परेशानी हो रही है। 

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बीते दो दिनों से शिक्षकों एवं अभिभावकों द्वारा शिक्षा विभाग एवं बिहार सरकार के खिलाफ कैंपेन चलाया गया। इसमें केके पाठक एवं नीतीश सरकार से स्कूलों का समय बदलकर शिक्षकों एवं बच्चों को राहत देने की मांग की गई है। शिक्षकों का कहना है कि सुबह स्कूल शुरू होने का समय 6 से बदलकर साढ़े 6 बजे होना चाहिए। साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चों की सुबह 11 बजे बाद छुट्टी कर देनी चाहिए, ताकि वे बिना हीटवेव की चपेट में आए सुरक्षित घर पहुंच सकें।

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